पेयजल संकट से जूझ रहीं ग्रामीण महिलाएँ, पुराने ध्वस्त कूप से जल भरने को मजबूर 

जर्जर कुएँ की मरम्मत की उठाई गई माँग

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पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- जनजातीय प्रखंड पाकुड़िया के ढ़ोलकाटा बरमसिया ग्राम में स्वच्छ पेयजल की भीषण समस्या बनी हुई है। गाँव में मौजूद तीन नलकूप पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
 
ग्राम की महिलाओं ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें गाँव के बहियार स्थित एक पुराने, जर्जर और ध्वस्त कुएँ से पानी लाना पड़ता है, जो काफी जोखिम भरा है। उन्होंने पंचायत से अनुरोध किया है कि यदि इस कुएँ को पुनः गहरा और सही ढंग से मरम्मत करा दिया जाए, तो ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा।
 
इसके अलावा, गाँव की मुख्य सड़क के निकट स्थित एक अन्य पुराना कुआँ भी सूख चुका है। महिलाओं का कहना है कि अगर पंचायत इस कुएँ की मरम्मत करवा दे, तो जल संकट काफी हद तक कम हो सकता है।
 
गर्मी के मौसम में हालात और भी विकट हो जाते हैं, जब नलकूप और कुएँ पूरी तरह सूख जाते हैं। महिलाओं ने चिंता जताई कि बहियार का कुआँ बेहद खतरनाक स्थिति में है और कभी भी धंस सकता है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को खतरा बना रहता है।
 
ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से अविलंब इन कुओं की मरम्मत कराने की माँग की है ताकि वे स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहें।
 

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