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पतौड़ा ग्राम में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला, ग्राम प्रधान पर सरकारी धन के गबन का आरोप
चित्रकूट। जिले के कर्वी विकासखंड स्थित पतौड़ा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कामदगिरि मंदिर के पुजारी ने ग्राम प्रधान चंदन यादव पर सरकारी धन के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। पुजारी का कहना है कि प्रधान ने अपनी निजी फर्म बनाकर सरकारी पैसों की बंदरबांट की और विकास कार्यों में अनियमितताएं कीं।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक जांच में चंदन यादव को दोषी पाया गया है, लेकिन डीपीआरओ (जिला पंचायत राज अधिकारी) की मिलीभगत के चलते अब तक प्रधान के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुजारी का यह भी कहना है कि लंबे समय से ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस पर आंख मूंदे हुए बैठा है।
पुजारी ने यह भी दावा किया कि प्रधान गांव में दबंगई करता है और जो भी उसकी भ्रष्टाचार की पोल खोलने की कोशिश करता है, उसे धमकाया जाता है। ग्रामवासियों में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। गांव के लोग भी प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुजारी और उनके भाई ने डीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि अगर प्रधान के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि जब जांच में ग्राम प्रधान दोषी पाए जा चुके हैं, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासन की चुप्पी किसी बड़ी साजिश का संकेत है? ग्रामवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन जल्द कोई कदम नहीं उठाता, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
अब यह देखना अब दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या दोषी प्रधान के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो वे सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि प्रशासनिक कर्तव्यों की घोर लापरवाही का भी है। अब सबकी नजरें इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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