जनपद में धारा-144 लागू, 06 जून से 31 जुलाई, 2023 तक सम्पूर्ण जनपद में रहेगा प्रभावी

जनपद में धारा-144 लागू, 06 जून से 31 जुलाई, 2023 तक सम्पूर्ण जनपद में रहेगा प्रभावी

 
 
भदोही 
 
जिला मजिस्टेªट गौरांग राठी ने अपने आदेश के तहत जनपदभ् भदोही में आगामी बी०एण्ड संयुक्त प्रवेश परीक्षा, रामायण मेला सीतामढ़ी, बकरीद एवं मोहर्रम आदि के दृष्टिगत असामाजिक एवं अवांछनीय तत्वों की गतिविधियों एवं उनके कार्य कलापों से शान्ति गंग होने की सम्भावना उत्पन्न हो सकने के दृष्टिगत जनपद की सीमा के अन्तर्गत लोक प्रशान्ति एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत जिला मजिस्टेªट भदोही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए निम्न आदेश पारित किया।
 
जिला मजिस्टेªट द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि कोई भी व्यक्ति ईंट-पत्थर आग्नेयास्त्र/निरफोटक पदार्थ, तलवार, भाला, भुजाली, लाठी डण्डा या 05 रोगी0 से अधिक फल वाली छुरी / धारदार हथियार अथवा अन्य किसी ऐसे हथियार को लेकर नही निकलेगा और न ही इसका प्रदर्शन करेगा और न ही एकवित्र करेगा, जिसका उपयोग आक्रमण के लिए किया जा सके। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी तथा सिख व गोरखा जाति के व्यक्तियों पर जो प्रथा के अनुसार कृपाण व खुखरी के अधिकारी है, पर लागू नहीं होगा।
 
कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक विद्वेष पैदा करने वाले भाषण तथा लोक प्रशान्ति को विक्षुब्ध करने वाले उत्तेजक भाषण व नारे आदि नहीं लगायेगा। कोई भी व्यक्ति गलत अफवाह नही फैलायेगा और न ही जनता में इस प्रकार की नोटिसे पर्चे अथवा साहित्य प्रकाशित अथवा वितरित करेगा जिससे कि उत्तेजना फैले और हिंसा का मार्ग प्रशस्त्र होकर लोक प्रशान्ति विक्षुब्ध हो ।
 
कोई भी व्यक्ति जुलूस अथवा सभा किसी सार्वजनिक स्थान पर अधोहस्ताक्षरी अथवा सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट के पूर्व अनुमति के प्राप्त किये बिना नहीं करेगा / निकालेगा और न ही किसी ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग करेगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान अथवा सड़क या गली में चार (04) से अधिक व्यक्ति एकत्रित नही होंगे।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार / उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत कोविड- 19की गाइडलाइन्स में जारी दिशा निर्देशों के साथ ही सोशल डिस्टेंसिग का अनुपालन किया जाना अनिवार्य होगा।
 
यह आदेश जनपद भदोही के सम्पूर्ण जनपदीय क्षेत्र में दिनांक 06.06.2023 से दिनांक 31.07.2023 तक यदि इसके पूर्व वापस न ले लिया जाय, प्रभावी रहेगा। उक्त प्राविधानों की अवज्ञा भा०द०वि० की धारा-188 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा

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राज्य उचित प्रक्रिया के बिना संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकता ।संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है। -सुप्रीम कोर्ट। राज्य उचित प्रक्रिया के बिना संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकता ।संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है। -सुप्रीम कोर्ट।
        स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।     सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निजी संपत्ति को "सार्वजनिक उद्देश्य" के लिए राज्य के मनमाने अधिग्रहण

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