राष्ट्र निर्माण

ज्ञान,संस्कार और चरित्र से ही श्रेष्ठ  समाज और राष्ट्र का निर्माण

विचार और सिद्धांत व्यक्ति के अंदर की अतः प्रज्ञा होती है। और यह सिद्धांत तथा अंतः विचारधारा जनमानस तक पहुंचने से बाधित किया जाए अंतरात्मा को प्रभावित करती है और इसके गहरे प्रभाव से व्यक्ति वह सब कर सकता है...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

जब व्यवस्था बोलती है, तो नाम सिविल सेवकों का होता है

राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस उस अदृश्य शक्ति का उत्सव है जो देश की शासन व्यवस्था को गति, स्थिरता और दिशा प्रदान करती है। 21 अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिन उन सिविल सेवकों के योगदान को रेखांकित करता...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

दायित्व बोध से ही श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण

प्रख्यात चिंतक वाल्टेयर ने कहा था जितने अधिक अधिकार, उतनी अधिक जिम्मेदारी। यह कथन आज के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक प्रतीत होता है। स्वतंत्रता तभी सार्थक है जब वह संयम और जिम्मेदारी से संचालित हो अन्यथा वह स्वच्छंदता बनकर अराजकता...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

राष्ट्रीय सेवा योजना सामाजिक संवेदनशीलता और मानव मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है : प्रो. सत्येंद्र कुमार दूबे

स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सिद्धार्थनगर, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के  राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों — भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई इकाई, महारानी अहिल्या बाई होलकर इकाई एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इकाई — के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय...
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