#शिक्षाऔरसंस्कार

आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का समन्वय ही बनाएगा संस्कारवान और आत्मनिर्भर भारत

शिक्षा मनुष्य के जीवन को दिशा देने वाली ऐसी शक्ति है, जो उसके व्यक्तित्व का निर्माण करने के साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना, परीक्षा उत्तीर्ण करना और प्रमाणपत्र...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार