विवादित ढांचे पर झूठी खबरें चलाने वालों पर भड़के योगेश पासी,'फर्जी रिपोर्टिंग' का आरोप, कार्रवाई की मांग, प्रतिष्ठित समाचार पत्र चला रहे झूठी खबरें .!!

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले में यदि किसी जांच टीम ने कोई निष्कर्ष निकाला होता

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⭕SHO ने कहा- नहीं मिली किसी टीम के आने की जानकारी, फिर कैसे छपी खबर?

⭕विवादित ढांचे पर 'फर्जी रिपोर्टिंग' का आरोप, कार्रवाई की मांग

⭕विवादित स्थल पर पुरातत्व टीम के दावे पर सवाल, योगेश पासी ने मांगी जांच

मलिहाबाद, लखनऊ।



 मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां स्थित विवादित ढांचे को लेकर कुछ समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों पर नया विवाद खड़ा हो गया है। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह खबर प्रकाशित की गई कि विवादित स्थल पर पुरातत्व विभाग की दो सदस्यीय टीम पहुंची थी और उसने वहां कब्र एवं मस्जिद होने के प्रमाण मिलने की बात कही है। इस खबर को लेकर सुहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी ने कड़ा विरोध जताया है और इसे पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन बताया है।

योगेश पासी ने कहा कि कुछ तथाकथित पत्रकार और समाचार पत्र बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के खबरें प्रकाशित कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो सकता है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में कोई सरकारी अथवा पुरातत्व विभाग की टीम विवादित स्थल पर पहुंची थी, तो इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? टीम के सदस्यों की पहचान क्या थी? उनका कोई फोटो, वीडियो या आधिकारिक बयान अब तक सामने क्यों नहीं आया?

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले में यदि किसी जांच टीम ने कोई निष्कर्ष निकाला होता तो प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित कर जनता को जानकारी दी जाती। लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है, जिससे इन खबरों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।

वहीं इस संबंध में मलिहाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक (SHO) सुरेंद्र सिंह भाटी ने भी बताया कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि किसी पुरातत्व विभाग की टीम ने विवादित ढांचे का निरीक्षण किया हो। SHO के इस बयान के बाद उक्त खबरों को लेकर और भी सवाल उठने लगे हैं।

योगेश पासी ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान स्वयं ही फैसला सुनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मामला अभी भी विवादित है और किसी सक्षम प्राधिकरण द्वारा कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की खबरें समाज में भ्रम फैलाने और लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रही हैं।

सुहेलदेव आर्मी प्रमुख ने कहा कि उनकी टीम पूरे मामले से संबंधित तथ्यों और प्रकाशित खबरों का संकलन कर रही है। जल्द ही संबंधित समाचार पत्रों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन को लिखित शिकायत दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा बिना प्रमाण और बिना आधिकारिक पुष्टि के संवेदनशील खबरें प्रकाशित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संस्था समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास न कर सके।

फिलहाल विवादित ढांचे को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन आधिकारिक रूप से किसी भी विभाग द्वारा कब्र या मस्जिद होने संबंधी कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे केवल प्रशासनिक और आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा अफवाहों से दूर रहें।

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