दूध : स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक तत्व
प्रति दिन एक गिलास दूध का सेवन हमारे लिए उपयोगी है।
ई0 प्रभात किशोर
दूध हमारे भोजन का एक प्रमुख हिस्सा है । इसे सम्पूर्ण भोजन भी माना जाता है । यह विटामिन ए, बी 2, डी, बी 12, कार्बोहाइट्रेट, पोटाशियम, मैग्निशियम, फास्फोरस, प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है । आर्युवेदिक चिकित्सा पद्धति में विभिन्न असाध्य रोगों के निदान हेतु प्रयुक्त पंचगव्य के पांच तत्वों में तीन तत्व दूध तथा उसके उत्पाद क्रमशः दही एवं घी हैं ।
गाय के दूध में 87 प्रतिशत जल होता है जबकि शेष 13 प्रतिशत में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइट्रेट, विटामिन एवं अन्य पोषक खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं। विटामिन ए और बी आंख एवं लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण हेतु, बी 12 तंत्रिकाओं की उचित कार्यप्रणाली के लिए, मैगनिशियम मांसपेशियों की कार्यप्रणाली के लिए, फास्फोरस उर्जा प्रदान करने के लिए, प्रोटीन शरीर के विकास एवं मरम्मत के लिए, कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों की मजबूती एवं सुरक्षा हेतु आवश्यक होते हैं ।
सोडियम की मात्रा कम होने और पोटेशियम के कारण दूध रक्तचाप को सामान्य बनाए रखता है । दूध शरीर के कोलस्ट्रॉल को निष्प्रभावी कर देता है । यह कैंसर की आशंका को 35 प्रतिशत तक कम कर देता है । नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार मानव शरीर को प्रति दिन 1000 से 1200 मिलीग्राम कैल्सियम की आवश्यकता होती है और दूध कैल्शियम का प्रमुख स्रोत है ।
दूध में अनेक पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं, जो चमकती त्वचा के लिए आवश्यक है । इसमें उपलब्ध लैक्टिस एसिड जहां त्वचा को मुलायम रखता है, वहीं एंटी- ऑक्सीडेंटस पर्यावरण के विषैले प्रभाव से रक्षा करते हैं। दूध एवं दूध-उत्पाद कैल्सियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य और विकास के लिए आवश्यक हैं। प्रति दिन एक गिलास दूध का सेवन हमारे लिए उपयोगी है।
इससे ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका कम हो जाती है। दूध में दो प्रकार के प्रोटीन होते हैं। कुल प्रोटीन का 80 प्रतिशत कैसीन और 20 प्रतिशत व्हे होता है । कैसीन दांतों के लिए उपयोगी है, क्योंकि यह दांतों के इनेमल पर पतली पर्त बना लेता है, जो दांतों और मसूढ़ों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है ।
दूध में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को शक्तिशाली बनाता है । व्यायाम के पश्चात दूध पीने पर कोशिकाओं में होने वाली टूट-फूट की मरम्मत हेतु शरीर को आवश्यक उर्जा प्राप्त होती है । साथ हीं यह वर्क-आउट के कारण शरीर में आई द्रव्य की कमी की पूर्ति भी करता है।
रात्रि में सोने के पूर्व दूध पीने पर मांसपेशियों और नसों को आराम मिलता है और नींद अच्छी आती है । दूध में मौजूद कैल्शियम, पोटेशियम और प्रोटीन रक्तचाप को संतुलित रखते हैं जिससे स्ट्रोक की संभावना कम हो जाती है । दूध कार्डियो वैस्कूलर बीमारियों का खतरा कम करता है । यह विटामिन बी 12 की प्रचुरता के कारण मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को भी दुरूस्त रखता है।
भारत विश्व का सबसे अधिक दूध उत्पादक और उपभोग करने वाला देश है । विश्व का लगभग 24 प्रतिशत दूध का उत्पादन भारत में होता है । वर्ष 1950-51 में देश में दुग्ध उत्पादन मात्र 17 मिलियन टन था । वर्ष 1968-69 में, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के द्वारा ऑपरेशन फ्लड प्रारम्भ किये जाने के पूर्व भारत में दूध का उत्पादन मात्र 21.2 मिलियन टन था, जो वर्ष 2024-25 तक बढ़कर 247.87 मिलियन टन हो गया है।
भारतवर्ष में दशकीय दुग्ध उत्पादन की स्थिति निम्नवत रही है:- वर्ष 1951 - 17 मिलियन टन, 1951 - 17 मिलियन टन, 1961 - 20 मिलियन टन, 1971 - 22 मिलियन टन, 1981 - 31.6 मिलियन टन, 1991 - 53.9 मिलियन टन, 2001 - 80.6 मिलियन टन, 2011 - 121.8 मिलियन टन, एवं वर्ष 2021 - 210 मिलियन टन ।
स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में स्वस्थ नागरिक के भोज्य पदार्थ में दूध की अहम भूमिका है और प्रत्येक वर्ष 1 जून को आयोजित विश्व दुग्ध दिवस एवं 26 नवम्बर को आयोजित राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मानव समाज को इस दिशा में सकारात्मक पहल करने हेतु प्रेरित करता है ।


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