आइसा सुपौल का दूसरा जिला सम्मेलन संपन्न, 17 सदस्यीय कमेटी का गठन

संतोष कुमार सियोटा बने जिला सचिव, रामाशीष को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी

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सुपौल/त्रिवेणीगंज -: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) सुपौल का दूसरा जिला सम्मेलन रविवार को त्रिवेणीगंज स्थित अनुपलाल यादव महाविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिले भर से बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर में देश के छात्र-युवा शिक्षा, रोजगार, लैंगिक एवं सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार और बिहार की राज्य सरकार शिक्षा को अधिकार के बजाय मुनाफे का साधन बना रही हैं, जिससे गरीब और मेहनतकश तबके के छात्र शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।


उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के लागू होने से शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है और शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। साथ ही सरकारी स्कूलों के बंद होने, पेपर लीक की घटनाओं और शैक्षणिक संस्थानों में अव्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में बढ़ती समस्याओं और छात्रों के बीच बढ़ते तनाव को भी गंभीर मुद्दा बताया।


प्रसेनजीत कुमार ने कहा कि रोहित वेमुला प्रकरण के बाद यूजीसी द्वारा लाए गए समता संबंधी प्रावधानों को लागू कराने की जरूरत है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं की। उन्होंने इन प्रावधानों को लागू करने के लिए छात्र आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।


सम्मेलन के सांगठनिक सत्र में 17 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया। इसमें संतोष कुमार सियोटा को जिला सचिव तथा रामाशीष को जिलाध्यक्ष बनाया गया। वहीं सुनील कुमार सरदार, अंकू आनंद और अभिनव आनंद को जिला उपाध्यक्ष, शशिकांत कुमार एवं अभिनंदन कुमार को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सम्मेलन में माले जिला सचिव जयनारायण यादव, पूर्व आइसा सचिव डॉ. अमित कुमार चौधरी, पिपरा विधानसभा से महागठबंधन प्रत्याशी अनिल कुमार, खेगरामस जिला सचिव जन्मजेय राय, मुलेश कुमार शर्मा, मो. अब्दुल सहित सैकड़ों छात्र-युवा उपस्थित रहे।

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सम्मेलन के अंत में संगठन को और मजबूत बनाने तथा छात्र-हितों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।

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