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सुपौल में LPG, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य; जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क
घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग एवं कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
सुपौल, जिले में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं एवं ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए वाणिज्यिक LPG गैस की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर, पंजीकृत रसोइये के माध्यम से वाणिज्यिक गैस प्राप्त की जा सकती है।
सुपौल नगर क्षेत्र में पाइपलाइन गैस (PNG) की सुविधा शुरू करने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। भारत पेट्रोलियम (BPCL) द्वारा घर-घर तक गैस पाइपलाइन पहुंचाने के लिए भूमि चिन्हित करने का कार्य अंतिम चरण में है। कार्य शुरू होने के बाद LPG सिलेंडर की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी जाने की आवश्यकता नहीं है। इंडियन ऑयल (इंडेन) के उपभोक्ता “Indianoil One” ऐप, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) के उपभोक्ता “HP Pay” ऐप तथा भारत गैस के उपभोक्ता “Hello BPCL” ऐप के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी कर सकते हैं।
जिले में वर्तमान में लगभग 10,879 LPG सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 1,710 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। 14 अप्रैल को 6,474 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई। हालांकि अभी भी 24,059 उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस की आपूर्ति की जानी है।
जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 49 पर LPG उपलब्ध है। शेष दो एजेंसियों—रहमानी भारत गैस एवं बजरंग भारत गैस—पर जल्द ही आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा अब तक 22 एजेंसियों का निरीक्षण किया गया है तथा 27 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग की जांच की गई है।
पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण जारी है। अब तक 5 पेट्रोल पंपों की जांच की जा चुकी है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखा जा रहा है।
समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में LPG वितरण की निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06473-224005 है। 15 अप्रैल को नियंत्रण कक्ष में 3 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका समाधान कर दिया गया।
घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग एवं कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस एवं पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
( जितेन्द्र कुमार "राजेश" )


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