कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र से किसी निर्धारित दुकान से ही किताब, जूता, ड्रेस आदि क्रय करने हेतु नहीं करेगा बाध्य- जिलाधिकारी

अभिभावक  नगर मजिस्ट्रेट एवं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दे सकते हैं लिखित शिकायत

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ब्यूरो प्रयागराज- जिलाधिकार मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में उ०प्र० स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के प्राविधानों के अनुसार जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्य सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज पी०एन० सिंह ने बताया किया अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार सभी वित्तविहीन विद्यालयों (यथा-सी०बी०एस०ई०, सी०आई०एस०सी०ई०, यू०पी० बोर्ड आदि) को अपनी शुल्क संरचना अपनी वेबसाइट तथा सूचना पट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
 
कोई भी विद्यालय किसी भी अभिभावक से शुल्क के अतिरिक्त कोई भी धनराशि नहीं लेगा। विद्यालय द्वारा निर्धारित जो भी शुल्क लिया जायेगा उसकी समुचित रसीद प्रदान की जायेगी। कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र से किसी निर्धारित दुकान से किताब, जूता-मोजा, ड्रेस आदि कय करने हेतु बाध्य नहीं करेगा एवं कोई भी विद्यालय अनावश्यक शुल्क वृद्धि नहीं करेगा।
 
विद्यालय शुल्क वृद्धि पूर्ववर्ती वर्ष के अध्यापकों के मासिक वेतन में प्रति व्यक्ति वृद्धि के औसत के बराबर कर सकता है, किन्तु शुल्क वृद्धि नवीनतम उपलब्ध उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और छात्रों से वसूल किये गये 5 प्रतिशत शुल्क से अधिक नहीं होगी।
 
 जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि इन प्राविधानों का उल्लंघन करने पर प्रथम बार एक लाख रूपये का अर्थ दण्ड, दूसरी बार उल्लंघन करने पर पाँच लाख का अर्थ दण्ड और तीसरी बार उल्लंघन करने पर विद्यालय की मान्यता वापस लिये जाने की संस्तुति का प्रावधान है।
 
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों द्वारा मनमानी शुल्क वृद्धि, पुस्तकों, यूनिफार्म आदि में मनमानी करने की लगातार शिकायतें आ रही है। इन शिकायतों के निस्तारण हेतु नगर मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रयागराज को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी नामित किया गया है और अभिभावक इन दोनों कार्यालयों में से कहीं भी अपनी लिखित शिकायत दे सकते हैं।
 
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि जनपद प्रयागराज में संचालित समस्त बोर्ड के सभी निजी विद्यालयों को पत्र जारी कर विगत 03 वर्षों की आडिट रिपोर्ट, 05 वर्षों के शुल्क का विवरण और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन विवरण तथा वार्षिक वेतन वृद्धि की सूचना एक सप्ताह के अन्दर प्राप्त करें। 
 
पन्द्रह दिनों बाद समिति की बैठक पुनः आयोजित होगी, जिसमें विद्यालयों से प्राप्त सूचनाओं की समीक्षा की जायेगी। समीक्षा में दोषी पाये जाने वाले विद्यालयों तथा सूचना न देने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसारी कार्यवाही करते हुए दण्ड अधिरोपित किया जायेगा।

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