हाईकोर्ट ने विदेश यात्रा करके आए पुजारियों के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर बड़ा फैसला सुनाया
विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों को मुख्य गर्भगृह में जाने, पूजा करने की इजाजत नहीं है.
ब्यूरो प्रयागराज। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के उस सर्कुलर को लागू करने का आदेश दिया है जिसमें कहा गया है कि जो पुजारी विदेश गए हैं, उन्हें गर्भगृह में पुजारी का काम करने की इजाजत नहीं है. धार्मिक परिषद की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों को मुख्य गर्भगृह में जाने, पूजा करने की इजाजत नहीं है.
कोर्ट एंडोमेंट डिपार्टमेंट की इस दलील से सहमत था कि मंदिर के रीति-रिवाज और त्योहार आगम शास्त्र और मंदिर की परंपराओं के अनुसार होने चाहिए. हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों के मंदिरों के मुख्य गर्भगृह में एंट्री पर एक अहम आदेश जारी किया है.
कोर्ट ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और कमिश्नर को धार्मिक परिषद और श्रृंगेरी शारदा पीठम की तरफ से जारी गाइडलाइंस को लागू करने का आदेश दिया है, जिसके मुताबिक विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों को मुख्य गर्भगृह में जाने और पूजा करने की इजाजत नहीं है. हाई कोर्ट के जज जस्टिस निम्मगड्डा वेंकटेश्वरलू ने 30 मार्च को इस बारे में एक आदेश जारी किया.
विजयवाड़ा के दुर्गा मल्लेश्वर स्वामीवरला मंदिर में काम करने वाले श्री चक्र नववर्ण अर्चना परायणदार सुब्रह्मण्यम ने हाल ही में हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया. उन्होंने आरोप लगाया है कि एंडोमेंट डिपार्टमेंट ने 10 नवंबर, 2010 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें विदेश से आए पुजारियों को गर्भगृह में जाने और भगवान की पूजा करने की इजाजत नहीं दी गई थी.
उन्होंने कोर्ट को बताया कि श्रृंगेरी शारदा पीठम जगद्गुरु श्री श्री श्री महातीर्थ भारती स्वामी ने 20 दिसंबर, 2024 को एक स्टैंडर्ड जारी किया था जिसे एंडोमेंट डिपार्टमेंट लागू नहीं कर रहा है. याचिकाकर्ता की ओर से वकील के.आर. श्रीनिवास ने दलीलें पेश की. उन्होंने कहा कि जो पुजारी विदेश गए हैं, उन्हें मुख्य गर्भगृह में पूजा करने की इजाज़त दी जा रही है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सिर्फ खानदानी पुजारी ही गर्भगृह में जा सकते हैं और भगवान की पूजा कर सकते हैं, जिनके पास आध्यात्मिक अनुशासन हो.
केआर श्रीनिवास ने कहा कि धार्मिक परिषद के सर्कुलर और शारदा पीठम के स्टैंडर्ड के मुताबिक पुजारियों को विदेश जाने की इजाजत नहीं है. उन्होंने बताया कि अगर कोई जाने की जिद करता है, तो इजाजत दी जा सकती है, लेकिन लौटने के बाद उन्हें मुख्य मंदिर के गर्भगृह में पुजारी के तौर पर सेवा करने की इजाजत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जो पुजारी विदेश गए हैं और वापस आए हैं, उन्हें सिर्फ मंदिर के बाहर होने वाली पूजा और व्रत के लिए ही इजाजत होगी.
Read More सेक्स के बाद ब्लैकमेल: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस को हनीट्रैप गैंग पर नकेल कसने का आदेश दियामहातीर्थ भारतीस्वामी के स्टैंडर्ड के मुताबिक सिर्फ वही लोग गर्भगृह में जा सकते हैं और पूजा कर सकते हैं जिन्होंने तीन दिन की संध्या वंदना, गुरु उपदेश मंत्र जाप, वैदिक पढ़ाई, खाने के नियम और कड़े आध्यात्मिक अनुशासन का पालन किया हो.
स्टैंडर्ड में कहा गया है कि जो लोग विदेश गए हैं, उन्होंने परंपराओं के खिलाफ अपना चेहरा मुंडवाया है और बाल कटवाए हैं. उन्हें पवित्र जगह में जाने और पूजा करने की इजाजत नहीं है. एंडोमेंट डिपार्टमेंट के जारी सर्कुलर के मुताबिक मंदिर के रीति-रिवाज और त्योहार आगम शास्त्र और मंदिर की परंपराओं के हिसाब से करने होंगे.
एंडोमेंट डिपार्टमेंट के वकील ने जवाब दिया कि पहले जारी किए गए सर्कुलर और स्टैंडर्ड का पालन किया जाएगा. इन बातों को ध्यान में रखते हुए जज ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के जारी सर्कुलर में दी गई गाइडलाइंस और दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठम के दिए गए स्टैंडर्ड का पालन करने का आदेश दिया.


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