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जजों ने किया बाल गृह बालिका का निरीक्षण , दिए आवश्यक दिशा निर्देश
आवासित 43 बालिका में सोनभद्र की 19, मीरजापुर की 20, शाहजहांपुर की 01, भदोही की 03 एवं 01 नवजात शिशु मिले
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), अमित वीर सिंह, सिविल जज, सी०डि०/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र राहुल, इन्दू वर्मा, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, सोनभद्र ने बाल गृह (बालिका), इन्द्रपुरी कालोनी राबर्ट्सगंज, सोनभद्र का निरीक्षण किया।
बाल गृह (बालिका) की अधीक्षिका नीलम सिंह एवं समस्त स्टाफ उपस्थिति में निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) में कुल 43 बालिकायें आवासित थी । जिसमें सोनभद्र की 19, मीरजापुर की 20, शाहजहांपुर की 01, भदोही की बालिकायें 03 एवं 01 नवजात शिशु मिले। निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) में साफ-सफाई रही, आवासित बालिकाओं को मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन आदि दिया जा रहा है।
इसी क्रम में अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), अमित वीर सिंह, सिविल जज, सी०डि०/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र राहुल, इन्दू वर्मा, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, सोनभद्र ने विधिक साक्षरता और जागरूकता के तहत बालिकाओं को नैतिक व्यापार निवारण अधि० 1956, घरेलू हिसां से महिला संरक्षण अधि० 2005, दहेज प्रतिषेध अधि० 1961, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधि० 1971, मातृत्व लाभ
अधि० 1961- 26 सप्ताह तक, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधि० 2013, लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधि० 2012, गर्भधारक पूर्ण एवं प्रसव पूर्ण निदान तकनीकी (टिंग नयन प्रतिषेध) अधि० 1994, समान पारिश्रमिक अधि० 1976, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण (निषेध) अधि० 1966, हिन्दू उत्तराधिकार अधि० 1956" एवं "Sex Selection De :line in child sex ratio under PCPNDT Act" की जानकारी दी गयी।
अलावा इसके छठवे चरण के मिशन शक्ति' विशेष अभियान के अन्तर्गत दहेज प्रतिषेध कानून, घरेलू हिंसा अधिनियम 2005. लैंगिक अपराधों से संरक्षण, कार्यस्थल पर यौन शोषण गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, गिरफ्तारी से पूर्व गिरफ्तारी के समय तथा महिलाओं
के अधिकार संबंधी प्रावधान व कानून, पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994. विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12 के अन्तर्गत महिलाओं के अधिकार, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु अधीक्षिका को निर्देशित किया गया तथा इसके अधिकारों एवं लाभ के संबंध में जागरूक किया गया।यह जानकारी सिविल जज, सी०डि० राहुल/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने दी है।


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