भक्तों ने चतुर्भुजी रुप में मां कात्यायनी का किया अलौकिक दर्शन

धैर्य की शक्ति से ही जीवन में भक्ति प्राप्त हो सकती है--डां अनिरुद्ध जी महाराज

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नैनी, प्रयागराज। मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के षष्ठम दिवस पर प्रातःकाल 5 बजे महामंत्री पंडित श्याम जी पाठक ने विधि विधान पूर्वक मां कल्याणी जी का मंगला आरती कर माता कात्यायनी का आह्वान किया। और दोपहर 2 बजे तक अनेकों श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में दर्शन पूजन किया और  बच्चों को कर्णछेदन और मुंडन कराया और शतचंडी महायज्ञ में भाग लिया और आहूति डाल कर परिक्रमा किया। और शाम 6 बजे मां कल्याणी देवी का श्रृंगार दर्शन का पट भक्तों के लिए खोला गया और मां कल्याणी साक्षात चतुर्भुज रूप धारण कर माता कात्यायनी के दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिया मां के अलौकिक रूप का श्रृंगार दर्शन प्राप्त कर भक्तों ने मां कात्यायनी का जोरदार जयकारा लगाते रहे और पूरा मंदिर मां के जयकारे से गूंज उठा। मेले के प्रबंधन अध्यक्ष सुशील कुमार पाठक महामंत्री श्याम जी पाठक संयोजक अनिल पाठक, दिलीप पाठक, सैकड़ो स्वयं सेवक एवं पुलिस के जवान तैनात रहे। इस अवसर मां कल्याणी देवी मंदिर धाम के अंतर्गत नवसंवत्सर मानस समिति के द्वारा आयोजित श्री राम कथा के षष्ठम दिवस पर भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कथा व्यास डा अनिरुद्ध जी महाराज ने राम रावण युद्ध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मां जानकी भक्ति की प्रतीक है जिन्हें प्राप्त करने के लिए भगवान श्री राम ने अपना धैर्य नहीं खोया और उन्हें विश्वास था ।रावण पर विजय प्राप्त करके मां सीता को मुक्त करेंगे और उन्हें पुनः प्राप्त करेंगे। इसीलिए मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति प्राप्त करना है तो अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए धैर्य रखना होगा निश्चय ही उसे सफलता प्राप्त होगी।कथा का संचालन प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने किया।इस अवसर पंडित कृष्ण कुमार पाठक, महामंत्री सुबोध खन्ना, राजेश केसरवानी, मनोज टंडन, कुंवर जी टंडन,राजू यादव सहित सैकड़ों भक्तों ने आरती किया।

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