उन्मादी भीड़ का ‘तालिबानी फरमान’के सामने बेबस पुलिस,22 घंटे तक बना रहा बंधक,पुलिस रही खामोश 

नाबालिग की पिटाई कर मंदिर में जबरन शादी,पुलिस की भूमिका पर उठ रहे हैं  गंभीर सवाल

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
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रोता रहा किशोर— “अभी पढ़ना है”, लेकिन नहीं पसीजा किसी का दिल

बिहार ब्यूरो ,स्वतंत्र प्रभात ,पटना 
 
बिहार के सुपौल जिले के त्रिबेनीगंज अनुमंडल क्षेत्र के राजेश्वरी थाना इलाके में बुधवार की शाम कानून और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। उग्र अतिताई  भीड़ ने एक नाबालिग लड़के को पकड़कर न सिर्फ  उसकी मनभर  बेरहमी से पिटाई की बल्कि  दबाव बनाकर एक नाबालिग लड़की से जबरन शादी करा दी।
 
इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ साफ  दिखाई दे रहा है कि मोभ लॉन्चिंग पर उतारू  भीड़ एक नाबालिग लड़के को घेरकर बुरी तरह से पीट रही है।पीड़ित नावालिग  लड़का रोते हुए बार-बार कह रहा है कि वह अभी पढ़ाई करना चाहता है और शादी नहीं करेगा। वह भीड़ से हाथ जोड़कर विनती करता रहा कि अभी उनकी पढ़ने की उम्र है और वह पहले अपना करियर बनाना चाहता है।लेकिन उन्मादी भीड़ के आगे उस मासूम किशोर की  एक भी नहीं चली।
 
भीड़ लगातार उसे पीटती रही और आखिरकार मंदिर परिसर में दोनों की जबरन शादी करा दी गई।इससे भी  हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस नाबालिग को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराने में नाकाम रही। परिजनों का आरोप है कि करीब 22 घंटे तक लड़का लड़की पक्ष व भीड़  के लोगों के कब्जे में रहा, लेकिन पुलिस ने उसे छुड़ाने के लिए कोई गंभीर पहल करना तो दूर बल्कि झकना तक मुनासिब  नहीं समझा ।
 
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मारपीट से टूटे किशोर ने अपनी जीवनलीला समाप्त की भी कि कोशिश

 
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्मादी भीड़ की बेइंतहा  मारपीट और दबाव से परेशान होकर नाबालिग पूरी तरह टूट गया था। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान उसने कई बार खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और अपना गला दबा अपनी जीवनलीला खत्म करने का भी असफल प्रयास किया। वह बार-बार रोते हुए कहता रहा कि उसे छोड़ दिया जाए और वह पढ़ाई करना चाहता है।लेकिन भीड़ ने उसकी एक भी नहीं सुनी। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और कुछ लोग उसे पीटते रहे।
 
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आखिरकार दबाव बनाकर मंदिर में ही करा दी गई दोनों की शादी 

 
कहा जा रहा है कि करीब आठ माह पहले इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती का यह अंजाम होगा शायद इसकी कल्पना दोनो नावालिग ने नही की थी,बुधवार को प्रेमिका ने लड़के को शाम में मंदिर में मिलने बुलाया था मिली जानकारी के अनुसार चरने तमुआ निवासी सुधीर यादव के पुत्र प्रिंस कुमार की करीब सात-आठ महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से पास के गांव की एक लड़की से दोस्ती हुई थी।दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी। बताया जाता है कि बुधवार की शाम लड़की ने युवक को गोचर भतनी टोला स्थित एक मंदिर में मिलने के लिए बुलाया था।जब दोनों मंदिर के पास मिले तो गांव के कुछ युवकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण जुट गए और माहौल काफी  तनावपूर्ण हो गया। भीड़  ने लड़के को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद भीड़ ने पंचायत जैसी स्थिति बनाकर दोनों की जबरन शादी करा दी।
 

डायल 112 पहुंची, लेकिन भीड़ के आगे बेबस लौटी पुलिस

 
ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस शर्मनाक घटना की जानकारी नहीं मिली ।घटना की जानकारी मिलते ही लड़के के परिजनों ने डायल 112, स्थानीय थाना और वरीय अधिकारियों को मोबाइल से  सूचना दी और लड़के को भीड़ से छुड़ाने कीखूब  चिरौरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के रौद्र रूप के कारण पुलिस की एक नहीं चली। बताया जाता है कि भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की, जिसके बाद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। लेकिन पुलिस का नपुंसकी चेहरा तब सामने आया जब डायल 112 के बैरंग वापस लौटने के बाद स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष युगल किशोर ने  नाबालिग को मुक्त कराने के लिए दोबारा कोई ठोस पहल  नहीं की,और नावालिग को जानलेंने पर आमादा भीड़ के रहमोकरम पर ही छोड़ दिया। जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
 

22 घंटे तक बंधक बना रहा

  
लड़के के परिजनों का आरोप है कि उनका नाबालिग पुत्र करीब 22 घंटे तक लड़की पक्ष और भीड़ के कब्जे में रहा।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यहाँ तक की परिजनों ने  चार नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस रात भर कार्यबाही का आश्वासन देकर लम्बी चादर ओढ़ सोती रही  ।
 

दहशत में परिजन , अनहोनी की आशंका

 
इस घटना के बाद लड़के का परिवार पूरी तरह दहशत में है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें डर सता रहा था  कि कहीं उनके बेटे के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
 
उसी मंदिर में रात में हो गई 18 लाख के आभूषण की चोरी
 
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मंदिर में शाम को यह सनसनीखेज घटना हुई, उसी मंदिर में देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। और  मंदिर से करीब 18 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चुरा लिए। गुरुवार को चोरी की इस बड़ी वारदात की जानकारी मिलने के बाद जिले के पुलिस कप्तान, एसडीपीओ और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच कर अपनी सम्वेदनशीलता का छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश की।
 

एसपी से छिपाई गई उक्त  की बड़ी घटना

 
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब पुलिस कप्तान  मंदिर में चोरी की घटना की जांच करने के लिए गुरुवार की सुबह  पहुंचे, तब स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम  में हुई इतनी बड़ी घटना—नाबालिग की पिटाई, जबरन शादी और बंधक बनाए जाने की जानकारी तक देना मुनासिब नहीं समझा । और हुजूर आला को चोरी की घटना दिखाकर बिदा कर दिए इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना को आखिर स्थानीय पुलिस ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी से क्यों छिपाया। क्या किसी की लापरवाही को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की गई? या उन्होंने इसे बताना  फालतू समझा। इतना ही नहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी जानकारी मिल गई थी लेकिन वे भी आश्वासन ही देते रहे।मुख्यालय में मौजूद रहने के बाद भी स्थल पर जाने या बच्चे को भीड़ के चंगुल से बचाने की पहल नही की
अलबत्ता 22 घण्टे बाद हरकत में आई पुलिस ने दावा किया कि लड़के को बरामद कर लिया गया है।लेकिन युबक को कहां महफूज रखा गया है यह बताने से परहेज कर रही हैं।
 जिससे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है।
 घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
लोगों का कहना है कि अगर भीड़ के सामने कानून इतना कमजोर दिखेगा तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
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 उठी  निष्पक्ष जांच  दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और थानाध्यक्ष को हटाने की मांग 
 
 ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के साथ साथ राजेश्वरी थाना के कायर थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटना की पूर्णवरीति नही हो सके।
 
इस संबंध में एसडीपीओ विभाष कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वही एसपी एस शरथ ने कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही हैं, दोषी बख्शे नही जाएंगे ।

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