एक अरब के सट्टे का खेल बेनकाब, रडार पर BJP नेता

खड़ी की आकूत संपत्ति; झांसी के पार्षद पति समेत नौ सटोरिये

Swatantra Prabhat UP Picture
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ब्यूरो प्रयागराज- झांसी के नवाबाद पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले बड़े गिरोह का बुधवार को भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने तीन बड़े सटोरिये- तिलयानी बजरिया निवासी शुभम उपाध्याय, सिंधी कॉलोनी निवासी विजय बाधवा, बड़ागांव गेट निवासी नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार कर उनके पास से 100 करोड़ रुपये अधिक के लेनदेन का रिकॉर्ड बरामद किया है।

इसके आधार पर पुलिस को भाजपा किसान मोर्चा उपाध्यक्ष एवं सहकारिता बैंक के निदेशक आशीष उपाध्याय, पार्षद पति पप्पू यादव समेत नौ सटोरियों का पता चला है। पुलिस उनको तलाश रही है। इस बीच सटोरियों के बैंक खातों में जमा 50 लाख रुपये की रकम जब्त करवा दी गई है। पुलिस अफसरों का दावा है कि जल्द इन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि बुधवार तड़के मुस्तरा से सखी के हनुमान मंदिर के पास नवनिर्मित जेडीए कॉलोनी के पहाड़ी मार्ग पर कुछ सटोरियों के मौजूद होने की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। आरोपियों ने भागने के लिए अपनी फॉर्च्यूनर कार से पुलिस की सरकारी जीप में टक्कर मार दी, इससे चालक समेत विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी निखिल कुमार घायल हो गए।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को घेरकर पकड़ लिया। उनके पास से आठ मोबाइल, एक टैबलेट, 84 हजार 500 रुपये समेत कार को बरामद किया। सट्टे से संबंधित बहीखाता भी बरामद हुआ। गिरफ्तार शुभम उपाध्याय का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।

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पूछताछ में भाजपा नेता आशीष उपाध्याय समेत पार्षद पति पप्पू निवासी उन्नाव गेट, पंकज राय, सौरभ लिखधारी, सोनू चढ्ढा, हरीश कुमार, आकाश चंचलानी, सुमित साहू, रोशन मुंशी का भी नाम सामने आया है। एसएसपी के मुताबिक जल्द इनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

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सट्टा बाजार के जरिये शुभम उपाध्याय, नितिन अग्रवाल और विजय बाधवा ने कम समय में करोड़ों रुपये की अकूत संपत्ति खड़ी कर ली। पुलिस की छानबीन में तीनों की संपत्तियों का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। अब पुलिस इनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा जुटाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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 पुलिस के अनुसार, शुभम लग्जरी कारों का शौकीन है और उसने बेशकीमती रेंज रोवर समेत कई महंगी गाड़ियां खरीद रखी हैं। इसके अलावा दिल्ली के राजेंद्र नगर, इंदौर, धौलपुर (राजस्थान), रक्सा, उन्नाव गेट के बाहर, बूढ़ा रोड समेत झांसी में करीब 12 स्थानों पर कीमती प्लॉट खरीदे गए हैं।

 पत्नी और बच्चों के नाम दो फार्महाउस व एक दुकान भी दर्ज है। म्यूचुअल फंड और एफडी में भी निवेश किया गया है, जो पत्नी के नाम पर है। नितिन अग्रवाल और विजय बाधवा के पास भी झांसी, धौलपुर और इंदौर में कीमती जमीन होने की जानकारी मिली है।

दोनों के बैंक खातों में भी बड़ी रकम का पता चला है। पुलिस का कहना है कि आयकर से बचने के लिए शुभम नकद रकम अपने परिचितों को देता था और उनके माध्यम से खर्च करता था। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के अनुसार, तीनों की सभी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

शुभम जिस मोबाइल एप के जरिये सट्टा चलाता था, उसका मुख्य एडमिन दुबई में बताया गया है। वहां एक क्वाइन की कीमत करीब सात रुपये थी, जबकि यहां उसे 25 रुपये में बेचा जाता था। इस तरह प्रति क्वाइन करीब 18 रुपये का कमीशन वसूला जाता था। इसी अंतर से रोजाना लाखों रुपये की कमाई होती थी। एप में जीत की संभावना अधिक दिखने के कारण लोग बड़ी रकम दांव पर लगाते थे, जिससे सटोरियों की आमदनी लगातार बढ़ती रही।

शुभम उपाध्याय के पकड़े जाने के बाद अली गोल से पार्षद राजकुमारी यादव का पति पप्पू यादव एवं छनियापुर से पार्षद अर्चना राय का पति पंकज राय का नाम सामने आया है। ये दोनों अपने घरों से भाग निकले।

पुलिस अफसरों का दावा है कि जल्द ही इनको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को नगर निगम के कई अन्य पार्षदों के भी नाम मालूम चले हैं। इनमें अधिकांश पार्षद प्रेमनगर एवं कोतवाली इलाके के हैं। पुलिस इनको तलाश रही है।

आईपीएल आरंभ होने के साथ ही पुलिस ने सभी थानों से 970 से अधिक सट्टेबाजों की सूची बनाई है, इनमें पांच पार्षद के नाम सामने आए थे। गिरोह के भंडाफोड़ होने के बाद इनकी संख्या बढ़ गई। प्रेमनगर इलाके में सत्ताधारी दल से जुड़े दो पार्षद का नाम सामने आया।

 कुछ दिन पहले पकड़े गए भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष हरेंद्र परिहार एवं विजय परिहार से इन दोनों पार्षदों की दर्जनों बार व्हाट्सएप पर कॉल हिस्ट्री मिली है। आईपीएल शुरू होने के बाद से दोनों पार्षद सटोरियों से दिन में कई बार व्हाट्सएप पर बात करते थे। पुलिस इसके आधार पर इनकी निगहबानी कर रही है। इसी तरह कोतवाली इलाके में पहली बार जीत हासिल करने वाले पार्षद को भी पुलिस तलाश रही है।

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