लखनऊ पुलिस ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी को दबोचा, तीन सहयोगी भी गिरफ्त में

पुलिस आयुक्त लखनऊ  के अनुसार, गोशाईंगंज थाने में 5 अगस्त को एक नाबालिग लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई थी।

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लखनऊ, 
 
 राजधानी लखनऊ में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर लगाम कसने की मुहिम तेज करते हुए लखनऊ पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने और उसके साथ गलत हरकत करने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में कुल चार अभियुक्तों को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। यह कार्रवाई गोशाईंगंज थाने की टीम ने की, जिससे इलाके में सुरक्षा का मनोबल बढ़ा है।
 
पुलिस आयुक्त लखनऊ  के अनुसार, गोशाईंगंज थाने में 5 अगस्त को एक नाबालिग लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपी अमन प्रजापति ने उनकी 15 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाकर शारीरिक शोषण किया। मामले की जांच में सामने आया कि अमन ने पीड़िता को 30 जून से 10 जुलाई 2025 तक कई बार बहाने बनाकर घर से बाहर निकाला और दुष्कृत्य किए। पीड़िता के बयान पर  (बलात्कार),  (धमकी) और POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
 
गोशाईंगंज थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अभियुक्त अमन प्रजापति पुत्र स्वर्ण प्रजापति निवासी ग्राम बेनीगंज जनपद बाराबंकी को 20 फरवरी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अमन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह पीड़िता को 'प्यार' के नाम पर फंसाकर शोषण कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य बरामद किए।
 
इसके अलावा, मामले में तीन अन्य सहयोगी भी फंस चुके हैं। प्रथम सहयोगी के रूप में मोहम्मद उस्मान पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मोहल्ला काजीपुरा गोशाईंगंज को 01 मार्च को गिरफ्तार किया गया। उस पर पीड़िता को अमन तक पहुंचाने और अपराध में सहायता करने का आरोप है। द्वितीय सहयोगी कैलाश पुत्र रामसहाय निवासी ग्राम दादरपुर गोशाईंगंज को 02 मार्च  को दबोचा गया, जो आरोपी अमन को आश्रय प्रदान करता था। तृतीय सहयोगी रामपाल जयसवाल पुत्र रामलखन निवासी ग्राम बेनीगंज को 03 मार्च को हिरासत में लिया गया। ये सभी अभियुक्त गोशाईंगंज थाने के अंतर्गत ही निवासी हैं।
 
हालांकि, एक आरोपी- विवेक उर्फ बबलू पुत्र दादा राम निवासी ग्राम सरायनजाद गोशाईंगंज- अभी भी फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ  नोटिस जारी कर दिया है तथा उसे तलाशने के लिए मुखबिरों पर भरोसा जताया है। आयुक्त कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि "महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"
 
यह गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, खासकर तब जब उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। पीड़िता को उचित चिकित्सकीय सहायता और काउंसलिंग प्रदान की जा रही है, तथा मामला कोर्ट में मजबूत साक्ष्यों के साथ पेश किया जाएगा। पुलिस ने अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल थाने या हेल्पलाइन 1090 पर दी जाए।

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