शंकरगढ़ में डिजिटल हुनर से आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा शिवाय इंस्टीट्यूट : इंजी. पुष्पेंद्र सिंह

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

शंकरगढ़(प्रयागराज)। इक्कीसवीं सदी के इस तीव्र गतिमान युग में कंप्यूटर साक्षरता मात्र एक योग्यता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है । बैंकिंग से लेकर व्यापारिक प्रबंधन तक और सरकारी सेवाओं से लेकर डिजिटल अर्थव्यवस्था तक, आज तकनीकी दक्षता का अभाव व्यक्ति को विकास की दौड़ में काफी पीछे धकेल सकता है । 
 
इसी गंभीर चुनौती को एक अवसर में बदलते हुए शंकरगढ़ के सेननगर चौराहा के समीप स्थित शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिछले दो वर्षों से युवाओं के सपनों को को डिजिटल उड़ान दे रहा है । नारीबारी शंकरगढ़ रोड स्थित शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस संस्थान न केवल पाठ्‌यक्रम प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े युवाओं को आधुनिक युग की जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहा है । तकनीक, अनुशासन और सामाजिक सरोकार के अनूठे संगम के साथ यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नई इबारत लिख रहा है । 
 
शिवाय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस संस्थान के अध्यक्ष इंजी. पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में शिवाय इंस्टीट्यूट ने आधुनिक शिक्षा का एक व्यापक खाका तैयार किया है । यहां सीसीसी, एडीसीए, एडीएफए, डीसीए, सीएफए, बीसीए, ओ लेवल और जीएसटी जैसे अनेक रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है । संस्थान का लक्ष्य मात्र डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को तकनीकी रूप से इतना सक्षम बनाना है कि वे कार्यस्थल पर आने वाली हर चुनौती को सहजता से हल कर सकें । यहाँ दी जाने वाली शिक्षा छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान और करियर के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है ।
 
बदलते दौर की मांग को देखते हुए संस्थान अपने पाठ्यक्रमों को निरंतर अपडेट करने के लिए प्रतिबद्ध है । पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बहुत जल्द ही डेटा एनालिसिस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे एडवांस कोर्स संस्थान की शिक्षण शैली का हिस्सा होंगे । तकनीकी कौशल के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास की आवश्यकता को समझते हुए यहाँ स्पोकन इंग्लिश की विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाती हैं, ताकि छात्र आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को व्यक्त कर सके।
 
पुष्पेंद्र सिंह का स्पष्ट मानना है कि नौकरी पाने की प्रतिस्पर्धा हो या स्वयं का रोजगार खड़ा करना, तकनीकी दक्षता के बिना सफलता की कल्पना कठिन है । संस्थान द्वारा छात्रों को आधुनिक सॉफ्टवेयर, इंटरनेट का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग तथा डिजिटल टूल्स के प्रयोग का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शंकरगढ़ क्षेत्र के युवा बदलते वैश्विक मानदंडों के साथ तालमेल बिठाकर अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकें ।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें