मंजरों से लदा आम वृक्ष आम फसलें अधिक होने की सम्भावना से कृषकों में छाया उल्लास
पाकुड़िया, पाकुड, झारखण्ड:- प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आम वृक्षों पर घने मंजरों से किसान आशान्वित हैं कि विगत साल की भांति इस वर्ष भी आम की फसलों की पैदावार अधिक हो सकती है। यद्यपि कृषकों का मानना है कि असमय बारिश व आंधी चली तो आम फसलों को क्षति होने की सम्भावनाएँ हैं। बहरहाल फिलहाल आम के मंजरों से लदा वृक्ष दिख रहा है।
राज्य सरकार की तरफ से भी पाकुड़िया प्रखण्ड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर फलदार पौधा, विशेष रूप से आम के कई प्रजातियों के पौधों का रोपण कराया गया है। पिछले साल प्रखण्ड कार्यालय परिसर पाकुड़िया में विभिन्न प्रकार की आम फसलों की प्रदर्शनी आयोजित कर किसानों को प्रोत्साहित किया गया।
इन दिनों प्रखण्ड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में हिमसागर, लंगड़ा आदि के अलावा स्थानीय आमों की पैदावार भी अच्छी होती दिख रही है। लखीपोखर, कचूवाबथान, चूनपाड़ा, रामघाटी, राजवाड़ी, झरिया आदि गांवों के आम की मिठास से पाकुड़िया बाजार सुगंधित होता रहा है। प्रखण्ड के किसानों का मानना है कि आम की फसलें अच्छी होने पर वर्षा भी पर्याप्त होने की सम्भावना रहती है। वर्षा समय पर तथा कृषि के अनुकूल हो तो किसानों के साथ लोगों की खुशहाली भी बढ़ेगी।
आम स्वास्थ्यवर्धक है और लोग इसे कई प्रकार से सेवन करते रहे हैं। जानकार बताते हैं कि फलों का राजा आम श्रीलंका का प्रसिद्ध फल है। जब माता सीता जी की खोज में पवन पुत्र हनुमान जी लंका गए और माता से भेंट कर सभी समाचार सुनाए, इस बीच बजरंगबली को भूख लगने पर माता से आज्ञा लेकर वे अपनी भूख मिटाने के लिए बगिया जाकर क्षुधा शांत की तथा आम फलों को भारत की ओर फेंक दिया। तभी से फलों का राजा आम भारत भूमि को मिठास से सुगंधित करता रहा है। फलों का राजा आम हमारे लिए स्वास्थ्यवर्धक और गुणकारी फल है। इसका सेवन करना बुद्धिमानी है।
वहीं दूसरी ओर इस मौसम में साजन का वृक्ष भी सफेद फूलों से आच्छादित दिख रहा है। किसानों ने बताया कि साजन की पत्तियां काफी गुणकारी हैं और साजन जिसे इन क्षेत्रों में लोग सोंटी कहते हैं, उसकी सब्जी बड़े ही स्वादिष्ट होती है। लोगों का कहना है कि साजन के फूल और आम के वृक्षों पर मंजर आने का संकेत वर्षा के मौसम के लिए विशेष रूप से अच्छा माना जाता रहा है।

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