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शाहजहांपुर में वकीलों ने तहसीलदार को बनाया बंधक, दो घंटे बाद SDM ने छुड़वाया; जानें क्या है मामला
शाहजहांपुर में तहसीलदार की लापरवाही को लेकर वकीलों ने जमकर प्रदर्शन किया. करीब दो घंटे तक तहसीलदार को बंधक बनाया गया. इस घटना के बाद एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया. तहसील सदर के वकीलों ने तहसीलदार के तत्काल निष्कासन की मांग की.
शाहजहांपुर में तहसील सदर के अधिवक्ताओं ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को बंधक बना लिया. वकील करीब दो घंटे तक एसडीएम सदर के कार्यालय के बाहर बैठे रहे. कार्यालय के अंदर तहसीलदार ने खुद को बंद कर लिया. वकीलों का कहना है कि दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तहसीलदार टालमटोल करते हैं.
क्या है पूरा मामला?
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तहसील सदर में लंबे समय से कार्य लंबित होने से अधिवक्ता नाराज थे।
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शुक्रवार को जब वकील अपने मामलों को लेकर तहसीलदार के कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने काम करने से इनकार कर दिया।
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इससे आक्रोशित वकीलों ने तहसीलदार को कार्यालय के अंदर ही रोक लिया।
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तहसीलदार ने खुद को कमरे में बंद कर लिया, जबकि बाहर वकील प्रदर्शन करने लगे।
तहसील सदर के अंदर काफी समय से अधिवक्ताओं के कार्य नहीं होने से सब परेशान थे. शुक्रवार जब अधिवक्ता अपने कार्यो से तहसीलदार सतेंद्र कटियार के कार्यालय में गए. जहां अधिवक्ताओं ने जरूरी कार्य करने के लिए तहसीलदार से कहा तो उन्होंने काम करने से साफ मना कर दिया. इसी बात को लेकर वकीलों में आक्रोश बढ़ गया.
CM योगी से तहसीलदार को हटाने की मांग की
आरोप है कि अधिकारी कहते हैं आदेश करने का समय नहीं होता है. बाद में पता चलता है कि कितने आदेश हो जाते हैं. नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि यहां के अधिकारी संत स्वभाव के है. उच्च अधिकारी भी संत स्वभाव के हैं. जनता और अधिवक्ता परेशान हैं. अधिवक्ताओं ने सीएम योगी से मांग की है कि तहसीलदार को हटाया जाए.
प्रशासन ने किया हस्तक्षेप
करीब दो घंटे बाद एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और तहसीलदार को सुरक्षित बाहर निकालकर अपने कार्यालय में भेजा।
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट भी पहुंचे, लेकिन बातचीत के बावजूद वकील अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वकीलों में आक्रोश, तहसीलदार को बनाया बंधन
तमाम वकीलों ने पहुंचकर तहसीलदार को कार्यालय के अंदर बंधक बना लिया. करीब दो घंटे तक तहसीलदार कमरे के अंदर रहे. उसके बाद एसडीएम सदर ने दखल देकर तहसीलदार को कमरे से निकालकर अपने कार्यालय में भेजा. अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम सदर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे लेकिन वार्ता होने के बाद भी स्थिति बेअसर रही. अधिवक्ता तहसीलदार के तत्काल निष्कासन की मांग पर अड़े हैं, जिससे तनाव बना हुआ है. अधिवक्ताओं का आरोप है कि दाखिल खारिज के नामांतरण आदेश वकीलों के नहीं किए जा रहे हैं. इसलिए वकीलों में आक्रोश पनपने लगा है.

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