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भारत
यूजीसी कानून के खिलाफ नव भारतीय किसान संगठन का आंदोलन, सरकार को दी चेतावनी
“गलत रिपोर्ट करने वालों पर सख्त सजा हो” जनता अब जागरूक: निर्मल शुक्ला
लखनऊ- उत्तर प्रदेश
किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत नव भारतीय किसान संगठन परिवार ने यूजीसी कानून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला ने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए समाज में जातिवाद और आपसी मतभेद बढ़ाकर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। इससे आने वाली पीढ़ियों की पढ़ाई और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।
“गलत रिपोर्ट करने वालों पर सख्त सजा हो”
निर्मल शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा सुधार चाहती है, तो गलत रिपोर्ट और फर्जी आंकड़े पेश करने वालों के लिए उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए था। लेकिन सरकार जनता को गुमराह कर रही है और राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को भ्रमित कर रही है।

जनता अब जागरूक: निर्मल शुक्ला
उन्होंने कहा,
“अब जनता पहले जैसी नहीं रही। सरकार जो चाहे बोले, उसके पीछे आंख बंद कर नहीं भागेगी। लोग अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सजग हो चुके हैं।”
संगठन का मानना है कि शिक्षा को कमजोर कर देश को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी
नव भारतीय किसान संगठन परिवार ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया गया, तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा।
संगठन का संकल्प
निर्मल शुक्ला ने कहा,
“चाहे कोई भी सरकार हो, हम जनता के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अगर किसी सरकार को गलतफहमी है, तो उसे दूर करने का काम हमारा संगठन करेगा।”
अंत में उन्होंने दोहराया कि यूजीसी कानून को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।
निर्मल शुक्ला
राष्ट्रीय अध्यक्ष
नव भारतीय किसान संगठन परिवारजय जवान | जय किसान
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