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जिलाधिकारी ने दिए ग्रीन चौपाल और शत-प्रतिशत वृक्षारोपण के निर्देश, पर्यावरण संरक्षण पर जोर
पर्यायवरण समिति एवं गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दिये अधिकारियों को कड़े निर्देश
अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-
जनपद में पर्यावरण संतुलन, हरियाली बढ़ाने और नदियों के संरक्षण के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जिला वृक्षारोपण समिति, पर्यावरण समिति एवं गंगा समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल कागजी लक्ष्य नहीं बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वृक्षारोपण हेतु स्थलों का चयन तत्काल पूरा कर लें। विभाग अपने कार्यालय परिसरों में खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कर हरियाली सुनिश्चित करें। जिन विभागों को फलदार पौधों की आवश्यकता है, वे उनकी सूची जल्द से जल्द वन विभाग को उपलब्ध कराएं। पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी सुरक्षा और जीवितता सुनिश्चित करना भी संबंधित विभाग का उत्तरदायित्व होगा।
पर्यावरण समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एनजीटी (NGT) के आदेशों का अक्षरश पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा सड़कों पर कचरा गिराने वाले ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। लोक निर्माण विभाग (PWD) को सड़कों के गड्ढों की मरम्मत करने और सड़क किनारे सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नदियों के संरक्षण की दिशा में जिलाधिकारी ने दो बड़े नवाचारों पर जोर दिया। शासन के निर्देशानुसार अब प्रत्येक माह ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया जाएगा, जहाँ ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। सोन नदी के किनारे बसे गांवों में किसानों को आर्गेनिक (जैविक) खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे न केवल लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि नदी के जल की शुद्धता भी बनी रहेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वन विभाग और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से आशुतोष जायसवाल (DFO राबर्ट्सगंज), कमल कुमार (DFO रेनुकूट)। हेमन्त कुमार सिंह (जिला विकास अधिकारी), रवीन्द्र वीर सिंह (DC मनरेगा)। मुकुल आनन्द पाण्डेय (BSA), जयराम सिंह (DIOS)। नमिता शरण (DPRO) एवं अन्य विभागीय अधिकारी। जिलाधिकारी का मुख्य संदेश पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए हमें शासन की मंशा के अनुरूप ठोस कार्य करना होगा

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