तहसील न्यायालय में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं का आरोप, जांच की मांग

अधिवक्ताओं ने कंप्यूटर खतौनी में जानबूझकर त्रुटियां छोड़ने, न्यायालयी आदेशों का समय से अंकन न करने तथा शुद्धिकरण के नाम पर काश्तकारों के शोषण की बात भी कही

Swatantra Prabhat Picture
Published On

रूद्रपुर,देवरिया।
 
तहसील परिषद रूद्रपुर में स्थित विभिन्न न्यायालयों और कार्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शनिवार को तहसील समाधान दिवस के अवसर पर तहसील बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा। अधिवक्ताओं ने प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब, पत्रावलियों में हेरफेर और चयनित मामलों को ही प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
 
         ज्ञापन में कहा गया कि नए मुकदमों के दाखिले में महीनों का समय लगाया जा रहा है, जबकि सेटिंग के आधार पर चुनिंदा पत्रावलियों को शीघ्र दर्ज कर अगली तिथि भी तय कर दी जाती है। कई बंटवारा, सीमांकन, वरासत व नामांतरण के मामले वर्षों से लंबित हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस आदेश पारित नहीं हुआ। कुछ मामलों में बहस पूर्ण होने के बाद भी आदेश सुरक्षित रखे जाने और पत्रावलियों के उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाया गया।
 
अधिवक्ताओं ने कंप्यूटर खतौनी में जानबूझकर त्रुटियां छोड़ने, न्यायालयी आदेशों का समय से अंकन न करने तथा शुद्धिकरण के नाम पर काश्तकारों के शोषण की बात भी कही। साथ ही एकपक्षीय आदेशों के विरुद्ध प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों को पोर्टल पर दर्ज न कर वर्षों तक लंबित रखने का आरोप लगाया गया।
 
बार एसोसिएशन ने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हो, ताकि आम जनता को समयबद्ध और निष्पक्ष न्याय मिल सके। इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यानंद पांडेय, महामंत्री विनोद कुमार पाठक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें