Haryana: हरियाणा में 7 करोड़ का धान घोटाला, 5 अधिकारी गिरफ्तार

Sandeep Kumar  Picture
Published On

Haryana News: करनाल जिले में धान की खरीद और भंडारण में करीब 7 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन से जुड़े पांच अधिकारियों को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर घोटाले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के साथ-साथ गबन किए गए धान और सरकारी धन की रिकवरी के प्रयास करेगी।

फर्जी रिकॉर्ड के सहारे किया गया करोड़ों का गबन

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरकारी रिकॉर्ड में धान की खरीद और स्टॉक को पूरा दिखाया गया, जबकि हकीकत में कई राइस मिलों और वेयरहाउस में धान मौजूद ही नहीं था।
फर्जी बिल, खरीद रजिस्टर और स्टॉक एंट्री तैयार कर कागजों में सब कुछ सही दर्शाया गया, जिसके जरिए करीब 7 करोड़ रुपये के धान का गबन किया गया।

दुर्गा पूजा पंडाल निर्माण के दौरान करंट लगने से युवक की मौत Read More दुर्गा पूजा पंडाल निर्माण के दौरान करंट लगने से युवक की मौत

ये अधिकारी हुए गिरफ्तार

घाटमपुर में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण शुरू Read More घाटमपुर में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण शुरू

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में देवेंद्र कुमार – इंस्पेक्टर, फूड सप्लाई विभाग, तरावड़ी, रणधीर सिंह – इंस्पेक्टर, फूड सप्लाई विभाग, इंद्री, प्रमोद कुमार – मैनेजर, हैफेड, असंध, दर्शन सिंह – मैनेजर, हैफेड, निसिंग, प्रदीप – टेक्निकल असिस्टेंट, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, इंद्री शामिल हैं।

कानपुर उत्तर के 1283 बूथों पर भाजपा का मतदाता अभियान, अनिल दीक्षित ने संभाली कमान Read More कानपुर उत्तर के 1283 बूथों पर भाजपा का मतदाता अभियान, अनिल दीक्षित ने संभाली कमान

इन सभी पर फर्जी धान खरीद दिखाकर सरकारी धान के गबन और ड्यूटी में गंभीर लापरवाही के आरोप हैं।

राइस मिलों में भी दिखाया गया फर्जी स्टॉक

एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि कई राइस मिलों में कागजों में धान का स्टॉक दर्शाया गया, जबकि मौके पर जांच के दौरान धान नहीं मिला। अधिकारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक चलता रहा।

9 जनवरी से जांच कर रही थी एसआईटी

एएसपी कांची सिंघल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 जनवरी 2026 को एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान अनाज मंडियों, राइस मिलों और वेयरहाउस के रिकॉर्ड खंगाले गए।
दस्तावेजी साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद गिरफ्तारी की गई।

फर्जी गेट पास जारी करने में अहम भूमिका

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने फर्जी गेट पास जारी करने में अहम भूमिका निभाई, जिनके जरिए धान की खरीद और भंडारण में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई।

पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर आपसी मिलीभगत से सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।

About The Author

Sandeep Kumar  Picture

imskarwasra@gmail.com

संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें