सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में होगी 'भारतीय भाषा परिवार' विषय पर चर्चा

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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आगामी 7 फरवरी को भारतीय भाषा समिति, दिल्ली तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अनेक राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार और विद्वान सहभागिता करेंगे।
 
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय भाषा समिति की ओर से राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, दिल्ली (एनबीटी) से 'भारतीय भाषा परिवार' विषय पर प्रकाशित दो पुस्तकों के विशेष संदर्भ में इस संगोष्ठी में चर्चा होगी। ज्ञातव्य है कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति -२०२० की नीतियों के अनुरूप भारतीय भाषा समिति का गठन किया है, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं उनके पारस्परिक समन्वयन की दिशा में काम करना है।
 
इसी प्रयोजन के अन्तर्गत समिति द्वारा देश-भर के मान्य भाषाविदों के सहयोग से पर्याप्त श्रम-शोध के उपरान्त दो पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है, जिनका उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर भारतीय विचार-सरणियों के अनुसार ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में तार्किक ढंग से भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना है। इसी विचार को विस्तार देने के उद्देश्य से यह संगोष्ठी आयोजित की जा रही है।
 
इस कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करने हेतु दिल्ली से प्रोफेसर रमेश चंद्र शर्मा, गोरखपुर से प्रोफेसर विमलेश कुमार मिश्र एवं प्रोफेसर प्रत्यूष दुबे (दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर), प्रयागराज से प्रोफेसर अमरेंद्र त्रिपाठी तथा डॉ. विनम्र सेन सिंह (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), वाराणसी से प्रोफेसर निरंजन सहाय (काशी विद्यापीठ) तथा डॉक्टर सत्य प्रकाश पाल (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) एव लखनऊ से डॉक्टर बलजीत कुमार श्रीवास्तव (बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय) सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी एवं अध्येता भाग लेंगे। यह जानकारी संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा ने दी है, 
 
 

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