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अदालत का फैसला दुष्कर्म के दोषी जगनारायण खरवार को कठोर उम्रकैद , एक लाख रूपये अर्थदंड, न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद
- करीब साढ़े सात वर्ष पूर्व डगडहरा जंगल में गाय चराने गई 12 वर्ष 3 माह की नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का मामला
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
करीब साढ़े सात वर्ष पूर्व डगडहरा जंगल में गाय चराने गई 12 वर्ष 3 माह की नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी जगनारायण खरवार को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जो उसके शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए कारावास रहेगा। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक ओबरा थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने 23 जुलाई 2018 को ओबरा थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 22 जुलाई 2018 को शाम 4 बजे उसकी नाबालिग बेटी गाय चराने डगडहरा जंगल में गई थी जहां पर अकेला पाकर जगनारायण खरवार पुत्र रामदेव निवासी पनारी टोला सेमरतर, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र ने जबरन दुष्कर्म किया और जान मारने की धमकी देकर चला गया। इस तहरीर पर ओबरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी जगनारायण खरवार (35) वर्ष को कठोर उम्रकैद जो उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिए कारावास होगा एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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