200 साल पुराने तालाब सौंदर्यीकरण में धांधली का आरोप

अपर मुख्य सचिव ने संज्ञान लेकर जांच के दिए निर्देश

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बिसवां/ सीतापुर जिले के सकरन विकासखंड स्थित महाराज नगर में लगभग 200 साल पुराने महाराजनाग तालाब के सौंदर्यीकरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने जांच के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब शुभम रस्तोगी ने अलमाईटी शिवा एसोसिएशन संस्था को इसकी जानकारी दी।
 
इसके बाद संस्था के सचिव आदित्य चौधरी ने अपने लेटर पैड पर इस मुद्दे को शासन स्तर तक पहुंचाया। पत्र में बताया गया कि वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 49.18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।हालांकि, धरातल पर कोई कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। तालाब की वर्तमान स्थिति बदहाल है और यह गंदगी, जलकुंभी तथा अव्यवस्था का शिकार है, जिससे इसका अस्तित्व खतरे में है। तालाब से जुड़े प्राचीन राम जानकी और शिव मंदिर की संरचना भी जर्जर होती जा रही है।
 
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत धनराशि का उचित उपयोग नहीं किया गया और कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर धनराशि हड़प ली गई। शासन स्तर पर मामले का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने पर्यटन विभाग के अपर सचिव को मौके पर जाकर जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।इस प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों में उम्मीद जगी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित होगा। ग्रामीणों ने करीब पचास लाख रुपये की स्वीकृत धनराशि के दुरुपयोग में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

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