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8 साल में 847 जजों की नियुक्ति, सिर्फ 4 % SC, कानून मंत्री ने SC/OBC और अल्पसंख्यक जजों को लेकर दी जानकारी
इस अवधि में 130 महिला जज नियुक्त हुईं. सुप्रीम कोर्ट में 1 पद खाली है
ब्यूरो प्रयागराज। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि 2018 से 2026 के बीच हाई कोर्ट में नियुक्त 847 जजों में सिर्फ 4% SC, 17 ST, लगभग 12% OBC और 46 अल्पसंख्यक वर्ग से हैं. इस अवधि में 130 महिला जज नियुक्त हुईं. सुप्रीम कोर्ट में 1 पद खाली है, जबकि हाई कोर्ट्स में 308 पद रिक्त हैं.
8 साल का डेटा: कितने जज किस वर्ग से आए?
कानून मंत्री के मुताबिक 847 जजों में 33 SC (करीब 4%),17 ST,104 OBC (करीब 12%),46 अल्पसंख्यक वर्ग से,130 महिलाएंये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि उच्च न्यायालयों में SC/ST और OBC वर्ग का प्रतिनिधित्व बेहद सीमित है, जबकि न्यायपालिका में विविधता बढ़ाने पर लगातार बहस होती रही है.
अपने लिखित बयान में मेघवाल ने कहा, 'हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 224 के तहत होती है. इन प्रावधानों में जाति आधारित आरक्षण का कोई उल्लेख नहीं है. इसी वजह से केंद्र के पास जाति आधारित प्रतिनिधित्व के कैटेगरी-वाइज आंकड़े औपचारिक रूप से मेंटेन नहीं किए जाते.'उन्होंने यह भी बताया कि 2018 के बाद से ही जजों के लिए सामाजिक पृष्ठभूमि विवरण देना अनिवार्य किया गया, जिसके आधार पर यह आंकड़ा जुटाया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों के पदों की स्थिति (27 जनवरी 2026)
सुप्रीम कोर्ट: सिर्फ 1 पद खाली
हाई कोर्ट्स:1122 स्वीकृत पद,814 कार्यरत जज,308 पद खाली
कानून मंत्रालय के अनुसार, लंबित मामलों को देखते हुए रिक्तियों को तेजी से भरना जरूरी है और इस दिशा में कोशिशें जारी हैं.।

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