दिल्ली की सड़कों से बसें ग़ायब अपने मंजिल पहुंचने के लिए यात्री परेशान

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बादल हुसैन 
 
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 15 साल पुरानी सीएनजी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के कारण सार्वजानिक परिवहन में भारी कमी आई है, जिससे यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा और भीड़भाड़ का सामना करना पड़ रहा है।सार्वजानिक परिवहन व्यवस्था गंभीर संकट से जूझ रही है। रोजाना लगभग 30 से 35 लाख लोग बसों से यात्रा करते हैं, लेकिन अब राजधानी में बसों की संख्या घट चुकी है। बसों की भारी कमी सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
 
खासकर दफ्तर के समय में बस स्टाप पर लंबी कतारें देखने को मिल रही है। हालांकि सरकार नए रुट रेशनलाइजेशन और इलेक्ट्रॉनिक बसों को जोड़कर स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही है।यात्रीओ का कहना है कि पहले जहां हर 10 15 मिनट में बस आ जाती थी,अब 30 मिनट से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। कमोबेश पूरी दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत चलने वाली बसों के यही हालात हैं।
 
लोगों का कहना है कि कई रुट पर बस आती ही नहीं जिस के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।बस स्टाप पर खड़े यात्री ने बताया कि प्रमुख बस मार्ग जो फतेहपुरी, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से शुरू होकर रोहणी के कुतुबगढ़ गांव तक जाती है इस रूट पर भी बसे नहीं मिलती। वहीं इस बारे में डीडीसी के एमडी व परिवहन विभाग के स्पेशल कमिश्नर जितेन्द्र यादव ने कहा कि लोगों की समस्या पर हमारा पूरा ध्यान है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को सूचित करके जल्द समस्या का सामाधान कराया जाएगा।

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