सोनभद्र मानवता की अनूठी मिसाल, कड़ाके की ठंड में टीम निशा सिंह ने फैलाया सेवा का उजाला
पूर्व नगर पंचायत निशा सिंह और समाजसेवी डब्लू सिंह ने जरूरतमंदो को बांटे कंबल, लोगों ने किया भूरि भूरि प्रसंशा
अजित सिंह/राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
नर सेवा ही नारायण सेवा इस संकल्प को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारने का कार्य जनपद सोनभद्र में बखूबी देखा जा रहा है। भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच रेणुकूट की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निशा सिंह और प्रमुख समाजसेवी डब्लू सिंह की टीम ने मानवता की एक नई इबारत लिख दी है। आमतौर पर जनप्रतिनिधि अपने चुनावी क्षेत्रों या वोट बैंक तक ही सीमित रहते हैं, लेकिन निशा सिंह और डब्लू सिंह की टीम ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
वर्तमान में किसी आधिकारिक पद पर न रहते हुए भी, निशा सिंह का सेवा भाव निरंतर जारी है। उनकी टीम ने क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर जनपद के दुर्गम और सुदूर इलाकों जैसे ओबरा, घोरावल, खेरहती, डाला और कोठा टोला में पहुँचकर अब तक कुल 2800 कंबलों का वितरण किया है। सोनभद्र के इन पहाड़ी और औद्योगिक क्षेत्रों में पारा गिरते ही जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी यह टीम रात के अंधेरे में उन पीड़ितों और असहायों तक पहुँच रही है, जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा दरकार है।
Read More सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने बनकटी ब्लॉक का किया औचक निरीक्षण, स्वच्छता अभियान व विकास कार्यों की सराहनास्थानीय लोगों के अनुसार, यह टीम केवल ठंड में ही नहीं, बल्कि हर कठिन समय में ढाल बनकर खड़ी रहती है। टीम निशा सिंह का मिशन केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा के कई आयामों को समेटे हुए है। आकस्मिक सहायता सड़क दुर्घटनाओं के समय तत्काल मौके पर पहुँचकर घायलों को अस्पताल पहुँचाना।चिकित्सा सहयोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे निर्धन पीड़ितों के इलाज के लिए आर्थिक और प्रशासनिक मदद सुनिश्चित करना। निरंतर तत्परता राह चलते किसी भी जरूरतमंद की पुकार पर निस्वार्थ भाव से खड़े होना।
सेवा का कोई भूगोल नहीं होता। जहाँ जरूरत है, वहाँ पहुँचना ही हमारा धर्म है। टीम निशा सिंह के सदस्य समाज के प्रति यह नि:स्वार्थ समर्पण उनके पारिवारिक संस्कारों का प्रतिबिंब है, जहाँ समाज सेवा को राजनीति से ऊपर और धर्म के समान माना गया है। औद्योगिक परियोजनाओं और प्राकृतिक गुफाओं के लिए विश्व विख्यात सोनभद्र अब अपनी मानवीय संवेदनाओं के लिए भी जाना जा रहा है। आज के इस दौर में जहाँ व्यक्तिगत स्वार्थ अक्सर हावी रहता है, वहां निशा सिंह और डब्लू सिंह जैसे समाजसेवी वंचितों के लिए आशा की एक मजबूत किरण बनकर उभरे हैं।

Comment List