मां के निधन के बाद बंटवारे को लेकर विवाद, कमरे का ताला तोड़कर जेवरात ले जाने का आरोप
शांति भंग में हो चुका है अरोपियो का चालान फिर भी नगर पुलिस जानबूझकर बन रही मामले में अनजान -परिजनों पर घर में घुसकर 14–15 लाख रुपये के जेवर उठाने के आरोप, पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज़गी
बस्ती। बस्ती जिले केथाना नगर क्षेत्र के करहली खुर्द निवासी राजकुमार पुत्र स्वर्गीय परदेशी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर परिजनों द्वारा उनके मृतक माता के कमरे का ताला तोड़कर उनकी मां के स्त्रीधन से संबंधित कीमती जेवरात उठा लिये जाने के प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में पीड़ित ने कहा कि उनकी माता ललई देवी का निधन 21 दिसंबर 2025 को इलाज के दौरान कैली अस्पताल में हो गया था। मां के अंतिम संस्कार के बाद सभी पांचो भाइयों के बीच यह सहमति बनी थी कि क्रिया-कर्म के उपरांत मां के स्त्रीधन और सामान का आपसी सहमति से बराबर बंटवारा किया जाएगा। कहा है कि 4 जनवरी 2026 की रात लगभग साढ़े सात बजे बंटवारे को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ।
इसी दौरान सुरेश कुमार, उनकी पत्नी पूजा देवी, भूपेश कुमार एवं उनकी पत्नी मनीषा द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई। घटना की सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाने ले जाया गया। अगले दिन पुलिस द्वारा शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया। पीड़ित का कहना है कि जमानत पर छूटने के बाद भी बंटवारा नहीं हुआ और उनकी मां के कमरे पर ताला लगा रहा।
11 जनवरी 2026 को जब वह दिन में बस्ती गया था और शाम करीब तीन बजे लौटकर आया, तो देखा कि मां के कमरे का ताला टूटा हुआ था। आरोप है कि कमरे में रखा सारा सामान निकाल लिया गया और बृजेश कुमार द्वारा उसे अपने घर में रख लिया गया। पीड़ित के अनुसार उनकी मां के स्त्रीधन की अनुमानित कीमत लगभग 14 से 15 लाख रुपये है। पीड़ित ने बताया कि घटना की सूचना 12 जनवरी 2026 को थाना नगर पुलिस को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं, पुलिस कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार में नाराजगी बनी हुई है। फिलहाल मामला जांचो के अधीन है। इस संबंध में जब थाना प्रभारी नगर से बात की गई तो उन्होंने बताया की प्रकरण की जानकारी हमें नहीं है लेकिन यहां पर यह बात नगर पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर रहा है कि जब नगर पुलिस मामले में आरोपियों की शांति भंग में कार्रवाई कर चुकी है तो फिर मीडिया के सवालों पर घटना से नगर पुलिस अनभिज्ञता क्यों जाहिर कर रही है ।

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