मलिहाबाद: ओमनी वैन बनने जा रही बच्चों के लिए "चलती मौत", हादसे के इंतज़ार में प्रशासन 

यह सीधे तौर पर एक चलती फिरती आग के गोलों जैसी  है, जो किसी भी समय जानलेवा हादसे में बदल सकती है।

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मलिहाबाद l राहुल कुमार l (स्वतंत्र प्रभात)l

मलिहाबाद, लखनऊ: क्षेत्र के कई निजी स्कूलों में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के लिए उपयोग की जा रही ओमनी वैन बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।  जानकारी के अनुसार, 50 से अधिक ओमनी वैन क्षेत्र में सक्रिय हैं, जो कि Zero Star Safety Rating श्रेणी में आती हैं और किसी भी आपात स्थिति में बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।ये वैन अधिकतर 5 से 7 सीटर होती हैं, लेकिन इन वाहनों में नियमों को ताक पर रखकर 12 से 15 बच्चों तक को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा जाता है।

इतना ही नहीं, ये वाहन सामान्यतः CNG परमिट के तहत पंजीकृत होती हैं, लेकिन अधिक मुनाफा कमाने की लालसा में वाहन मालिक गैरकानूनी रूप से LPG सिलेंडर का प्रयोग कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर एक चलती फिरती आग के गोलों जैसी  है, जो किसी भी समय जानलेवा हादसे में बदल सकती है। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है।

क्षेत्र में समय-समय पर न तो चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं और न ही कोई सख्त कार्रवाई की जाती है। इससे ऐसे अवैध वाहन बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं।इस गैरकानूनी परिवहन में कुछ प्रसिद्ध निजी स्कूलों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनमें सिद्धार्थ ग्लोबल स्कूल, सफा पब्लिक स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन स्कूलों के प्रबंधन द्वारा इन खतरनाक वाहनों से बच्चों की ढुलाई करवाई जा रही है।

यही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूल भी इस अवैध व्यवस्था का हिस्सा बने हुए हैं।जहां एक ओर प्रशासन की लापरवाही चिंताजनक है, वहीं अभिभावकों की उदासीनता भी बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। माता-पिता को चाहिए कि वे केवल सुविधा और कम खर्च के चक्कर में अपने बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें। प्रशासन भी तत्काल प्रभाव से विशेष चेकिंग अभियान चलाए और अवैध रूप से संचालित हो रही ओमनी वैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही, स्कूल प्रबंधन को भी निर्देशित किया जाए कि वे मान्यता प्राप्त, सुरक्षित और अधिकृत वाहनों से ही बच्चों के परिवहन की व्यवस्था करें। बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता। यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो किसी बड़े हादसे का इंतजार करना होगाll

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