रिर्पोट दर्ज होने के दो साल बाद भी भीरा पुलिस के हाथ खाली

मुकदमा अपराध संख्या 336/24थाना भीरा में नामजद आरोपी लेखपाल गोपाल राना की कब होगी गिरफ्तारी  भीरा पुलिस पर लग रहे घोर लापरवाही और आरोपी को संरक्षण देने के आरोप 

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 लखीमपुर खीरी। क्या भीरा पुलिस का काम अपराधियों को पकड़ना है या फिर रसूखदार साहबों की चमचागिरी करना है? यह सबाल इसलिए क्योंकि थाना भीरा में दर्ज मुकदमा 336/2024अंतर्गत धारा 420,467,468,471,427,504, 506आदि में फरार चल रहे बताए जाते हैं एक रसूखदार लेखपाल की गिरफ्तारी भीरा पुलिस द्वारा न किए जाने के आरोप लगाए जा रहे है। या यूं कहे कि गिरफ्तारी करने में अब तक भीरा पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
 
यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी का ही नहीं है यह उस वीआईपी कल्चर का है जहां एक कर्मचारी को बचाने के लिए पूरा सिस्टम एक आदमी को (वादी मुकदमा) को फुटबॉल बना देता है ।बताते चले ताजा मामला तहसील पलिया में तैनात लेखपाल गोपाल राना से जुड़ा है मिली जानकारी कके नाम मुकदमा दर्ज किया था 8 आरोपीयों में से पांच लोग जेल जा चुके हैं लेकिन लेखपाल गोपाल राना सहित तीन अभियुक्त थाना भीरा पुलिस से गठजोड़ कर आज भी फरार   के होने के बाद भी नामजद आरोपी लेखपाल  गोपाल राना की गिरफ्तारी न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
 
संज्ञय अपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद भी उक्त लेखपाल के निलंबन की प्रक्रिया अमल में लाई जानी चाहिए थी उक्त लेखपाल बेखौफ पलिया तहसील में ड्यूटी करते देखा जा रहा है। और भीरा पुलिस उक्त  रसूखदार लेखपाल को गिरफ्तार करने से बचती नजर आ रही है। लोगों का आरोप है कि आखिरकार लेखपाल गोपाल राना की कब होगी गिरफ्तारी ? भीरा  थाने की पुलिस पर घोर लापरवाही किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

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