आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा

यहाँ न तो नाली  है ना ही इस गांव में गांव के अंदर जाने के लिए कोई रास्ता है, यही है 

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बस्ती।

आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।

वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंचे , लेकिन उनके अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण बस्ती जिले के हर्रैया तहसील व परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए तरस रहा है l

यहाँ न तो नाली  है ना ही इस गांव में गांव के अंदर जाने के लिए कोई रास्ता है, यही है  विकास का दवा जहां केंद्र और प्रदेश सरकार बार-बार दावा करती है कि गांव में ग्राम प्रधान के माध्यम से गांव में विकास तेजी से किया जा रहा है नाली खरंजा सहित बिजली व शुद्ध पिए जल की  व्यवस्था भी हर गांव में किया जाय  ।

अगर आपको जमीनी हकीकत देखना हो तो बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक के गांव नागपुर कुंवर में देखिए इस गांव में ना तो गांव में घुसने के लिए रास्ता है ना ही इस गांव में सड़क है ना तो नाली है ना ही कहीं इंटरलॉकिंग लगी है ग्रामीणों ने सीधा आरोप ग्राम प्रधान पर लगाते हुए कहा इस गांव की ग्राम प्रधान द्वारा विकास कुछ भी नहीं किया जा रहा है ग्राम प्रधान की लापरवाही से हम लोगों के गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसको हम लोग चारपाई पर लेट कर गांव से बाहर लेकर जाते हैं तब एंबुलेंस या किसी अन्य गाड़ी के सहायता से हम किसी को अस्पताल पहुंच पाते हैं।

 ग्राम प्रधान की लापरवाही से हमारे गांव में अंदर आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं बना है आप लोग आए हैं देखिए की सड़क कहां है इस गांव में ग्राम प्रधान क्यों नहीं सड़क बनवाया जा रहा है ,ग्रामीणों द्वारा बार-बार जिला अधिकारी बस्ती सहित खंड विकास अधिकारी परशुरामपुर और उप जिला अधिकारी हरैया कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया साथ ही तहसील दिवसों में हम ग्रामीणों के साथ कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है हम लोगों के सामने सड़क पानी नाली जैसी समस्याओं से हम लोग जूझ रहे हैं,

जबकि सरकार बार-बार दावा कर रही है कि गांव में सरकारी योजनाओं सहित सड़क नाली इंटरलॉकिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी गांव में विकास किया जा रहा है जिससे जनता को कोई दिक्कतों का सामना न करना पड़े ,  लेकिन यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है जहां आजादी के लगभग 78 साल हो चुके हैं लेकिन इस गांव में आजादी के बाद क्यों नहीं विकास हुआ क्या कारण है यह अपने आप में सबसे बड़ा सवाल खड़ा रहा है,

पीड़ित शिवपूजन तिवारी ने कहा कि हमारे गांव में सड़क न होने से हम मरीजों को कैसे इलाज कराने ले जाएं हमारे पिताजी का इतना तबीयत खराब था कि हम लोग उनको गोदी में उठाकर यहां से 1 किलोमीटर दूरी तक ले गए तब हमको गाड़ी मिली जब सड़क नहीं है नाली नहीं है शुद्ध पीने का पानी नहीं है तो कैसा विकास का दावा किया जाता है सरकार द्वारा और  ग्राम प्रधान अपना विकास कर रहे हैं जो सरकारी जमीन बची है जिन-जिन लोगों के पास जमीन है खेत है घर है उनको पैसा लेकर पटा कर रहे हैं गांव का विकास नहीं कर पा रहे हैं अपना विकास कर रहे हैं ।

वही इस संबंध में जिला अधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है इसकी हम जांच कर कर वहां विकास कार्य कराया जाएगा । वही इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए।

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