विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

कार्यालय व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर दिए कड़े निर्देश, आउटसोर्सिंग वेतन कटौती पर जांच टीम गठित

विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

बलरामपुर। जनपद में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मंगलवार को विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी कार्यालय, उपायुक्त ग्राम्य विकास, एनआरएलएम, डीआरडीए, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य संबंधित कार्यालयों में पहुंचकर कार्यों की समीक्षा की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
 
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में कार्यरत कार्मिकों की सेवा पुस्तिकाओं का अवलोकन किया और सभी विभागों को निर्देशित किया कि सेवा पुस्तिकाएं शीघ्र अद्यतन कराई जाएं, जिससे कर्मचारियों से जुड़े अभिलेख पूरी तरह सही और अद्यतन रह सकें।
 
सोशल ऑडिट पर विशेष जोर
जिला विकास अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सोशल ऑडिट की प्रक्रिया को प्रभावी और गुणवत्तापरक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्यालय में रिक्त दो एपीओ पदों की भर्ती प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि भर्ती का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जल्द प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि कोई भी ब्लॉक रिक्त न रहे।
 
आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन भुगतान में अनियमितता पर सख्ती
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान की स्थिति की जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित कंपनी द्वारा कर्मचारियों को पूर्ण भुगतान नहीं किया जा रहा है और 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर वेतन से कटौती की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चार सदस्यीय जांच टीम गठित की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि जांच में गलत अथवा अनुचित कटौती की पुष्टि होती है तो संबंधित कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी विधिक कार्रवाई की जाए।
 
आईडी कार्ड अनिवार्य, सफाई व्यवस्था पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य करने के निर्देश दिए। बिना पहचान पत्र के किसी भी कर्मचारी को कार्यालय में कार्य करने की अनुमति न देने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही विकास भवन परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने, कार्यालयों, बरामदों, सीढ़ियों, शौचालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई और कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
 
अभिलेख व संसाधन प्रबंधन सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुरानी और अनुपयोगी पत्रावलियों को नियमानुसार बीड आउट कर अलमारियों के पुनः उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही पुराने फर्नीचर की मरम्मत कर उपयोग में लाने को कहा, जिससे सरकारी संसाधनों का समुचित और प्रभावी उपयोग हो सके।
 
कार्य विभाजन व डिस्पैच व्यवस्था पर फोकस
जिलाधिकारी ने प्रत्येक कार्यालय में कार्य विभाजन स्पष्ट रखने और प्रत्येक पटल पर संबंधित कार्यों व दायित्वों का विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही डिस्पैच रजिस्टर की नियमित जांच कर पत्रावलियों की ट्रैकिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
 
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही, साफ-सफाई और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुंच सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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