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Success Story: अखबार बेचने वाला बन गया IFS अफसर, पढ़ें पूरी सक्सेस स्टोरी
Success Story: परिवार की आर्थिक हालत कमजोर थी, लेकिन सपने बड़े थे। किताबें खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए 9 साल की उम्र में अखबार बेचना शुरू किया। यह कहानी है UPSC परीक्षा पास कर भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी बने बालामुरुगन की, जिन्होंने कठिन हालातों को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया।
बचपन से ही पढ़ाई में तेज
बालामुरुगन पढ़ाई में शुरू से ही काफी होशियार थे। स्कूल के शिक्षक भी जानते थे कि यह बच्चा जीवन में कुछ बड़ा करेगा। आर्थिक तंगी के कारण जब किताबें खरीदना मुश्किल हुआ, तो टीचर्स ने खुद आगे बढ़कर उनकी मदद की और पढ़ाई के लिए किताबें उपलब्ध कराईं।
12वीं के बाद MIT से की इंजीनियरिंग
12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद बालामुरुगन ने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यहां से डिग्री हासिल की।
TCS में नौकरी मिली, फिर भी नहीं छोड़ा अफसर बनने का सपना
इंजीनियरिंग पूरी होते ही बालामुरुगन को TCS में अच्छी नौकरी मिल गई। लेकिन उनका सपना कॉरपोरेट नौकरी नहीं, बल्कि सरकारी अफसर बनकर देश की सेवा करना था। इसी वजह से उन्होंने TCS की नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
तीन बार मिली असफलता
UPSC की राह आसान नहीं थी। बालामुरुगन को तीन बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आखिरकार 2018 में अच्छी रैंक के साथ UPSC परीक्षा पास कर ली।
आज भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी के रूप में दे रहे हैं सेवा
आज बालामुरुगन भारतीय वन सेवा (IFS) में अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अखबार बेचने वाले बच्चे से लेकर अफसर बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।
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imskarwasra@gmail.com
संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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