पहले भी हो चुके थे डिपोर्ट, फिर दिल्ली में पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिक; दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, मोबाइल में प्रतिबंधित ऐप और छह बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद

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स्वतंत्र सिंह भुल्लर 
नई दिल्ली।
 
दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
 
खास बात यह है कि दोनों को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर दिल्ली में रह रहे थे।पुलिस के अनुसार 9 मार्च 2026 को फॉरेनर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास सक्रिय हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और लगातार सर्विलांस के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया।
 
पूछताछ के दौरान दोनों ने शुरुआत में खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन उनके जवाबों में विरोधाभास और संदिग्ध व्यवहार के कारण पुलिस को उन पर शक हुआ।जांच के दौरान पुलिस ने उनके दस्तावेजों की जांच की, डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया और फोटो साक्ष्यों की पड़ताल की।
 
इससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों व्यक्ति बांग्लादेश के नागरिक हैं और बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों को पिछले वर्ष उत्तराखंड से अवैध रूप से भारत में रहने के कारण डिपोर्ट किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा सीमा पार कर भारत आ गए और दिल्ली में अवैध गतिविधियों में शामिल हो गए।
 
दरअसल, हाल ही में फॉरेनर सेल ने तीन बांग्लादेशी महिलाओं को भी डिपोर्ट किया था, जो मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े रैकेट में शामिल थीं। पूछताछ के दौरान उन महिलाओं ने खुलासा किया था कि ‘विकास’ नाम का एक बांग्लादेशी नागरिक उन्हें अवैध तरीके से भारत लाया था और दिल्ली में उनके लिए ग्राहकों का इंतजाम करता था।
 
इसी खुलासे के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान पता चला कि वही व्यक्ति और उसकी कथित पत्नी जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के आसपास सक्रिय हैं।इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें एसआई श्यामबीर, एएसआई विजय, एएसआई राजेंद्र, महिला हेड कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल दीपक बांगड़ शामिल थे।
 
यह टीम इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में और एसीपी राजीव कुमार की निगरानी में काम कर रही थी। टीम ने इलाके में स्टिंग ऑपरेशन भी किया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों से अवैध गतिविधियों के लिए संपर्क किया। जैसे ही संदिग्धों ने सहमति जताई, पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।तलाशी के दौरान उनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO एप इंस्टॉल था। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन की गैलरी से छह बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।
 
इन बरामदगी से यह भी पुष्टि हुई कि दोनों बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और यहां गलत गतिविधियों में शामिल थे।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए एफआरआरओ के सामने पेश किया गया, जहां से उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय दिप्तो कुमार पाल उर्फ विकास और 27 वर्षीय रुमा बेगम के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के ढाका जिले के निवासी बताए गए हैं।

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