New Highway: दिल्ली–एनसीआर में बन रहे 4 नए हाईवे और टनल, जाम से मिलेगी राहत
New Highway: दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया मिलकर चार बड़े हाईवे और टनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इन परियोजनाओं को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से मंजूरी भी मिल चुकी है।
इनके बन जाने के बाद न केवल दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और फरीदाबाद के बीच सफर आसान होगा, बल्कि पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों की कनेक्टिविटी भी काफी मजबूत हो जाएगी। आने वाले समय में इन सड़कों के पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर की पूरी ट्रैफिक तस्वीर बदलने की संभावना है।
इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से सुबह-शाम लगने वाला ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम होगा। सड़कों पर जहां गाड़ियां पहले रेंगती हुई चलती थीं, अब वहीं लोग तेज रफ्तार से सफर कर पाएंगे। केंद्र सरकार का सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, दिल्ली और यूपी सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। जल्द ही लोग इन नई सड़कों पर ट्रैफिक-फ्री और स्मूद यात्रा का अनुभव कर सकेंगे।
पहला बड़ा प्रोजेक्ट दिल्ली के धौला कुआं से मानेसर तक बनने वाला एलीवेटेड रोड है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार लगने वाले जाम को देखते हुए इस एलीवेटेड रोड की योजना तैयार की जा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राव इंद्रजीत सिंह के बीच हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट पर सहमति बन चुकी है और इसके निर्माण को आगामी महीनों में तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा।
दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट द्वारका से वसंत कुंज को जोड़ने वाली लगभग पांच किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग है। यह सुरंग महिपालपुर की शिव मूर्ति (द्वारका एक्सप्रेसवे) से लेकर नेल्सन मंडेला रोड (वसंत कुंज) तक बनाई जा रही है। सुरंग पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगी, जिसमें छह लेन शामिल होंगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार यह प्रोजेक्ट NHAI द्वारा लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इस सुरंग के बन जाने से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की ट्रैफिक समस्या में बड़ा सुधार होगा।
तीसरा प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए पुश्ता रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग-9 से जोड़ने का है। नोएडा अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से एनओसी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का दबाव कम होगा। यह सड़क यमुना तटबंध के साथ आठ लेन के ऑन-ग्राउंड एक्सप्रेसवे या छह लेन के एलिवेटेड रोड के रूप में विकसित की जा सकती है। इसके पूरा होने से लगभग दस लाख लोगों को सीधे राहत मिलेगी।
चौथा और सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) है, जिसका उद्घाटन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। यह 75 किलोमीटर लंबा छह लेन का हाइवे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड माना जा रहा है। यह हाईवे दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा के बीच यात्रा को बेहद तेज़ और सुगम बना देगा। साथ ही पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की यात्रा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा और आने वाले कुछ सालों में इसका ट्रैफिक सिस्टम लगभग नई दिशा में आगे बढ़ता नजर आएगा।
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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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