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नगर संसाधन केंद्र में अनुशासनहीनता की शिकायतों को लेकर बीएसए ने किया औचक निरीक्षण
गुणवत्ता समन्वयक, सहायक लेखाकार मिले अनुपस्थित, टेबल पर ही मिलें अवकाश प्रार्थना पत्र,
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें, उपस्थिति रिकॉर्ड तलब
ललितपुर। नगर क्षेत्र के नगर संसाधन केंद्र में सोमवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हडक़ंप उस समय मच गया, जब बीएसए ने अचानक कार्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। अक्सर शिकायतों के घेरे में रहने वाले इस कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान वह सब सामने आ गया जिसकी आशंका लंबे समय से जताई जा रही थी। बीएसए द्वारा पहुंचते ही पाया गया कि दो महिला कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित थीं, जबकि उनकी टेबल पर केवल अवकाश प्रार्थना पत्र रखे हुए मिले। यह स्थिति इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण थी कि कर्मचारियों द्वारा समय पालन और कार्यशैली को लेकर की जा रही शिकायतें निराधार नहीं थीं।
सूत्र बताते हैं कि नगर संसाधन केंद्र में तैनात कुछ कर्मचारियों द्वारा लगातार मनमानी, समय पर ऑफिस न आना और अपनी जिम्मेदारियों से बचने जैसी शिकायतें विभाग को प्राप्त हो रही थीं। बताया जाता है कि कई बार संबंधित कर्मचारियों को मौखिक रूप से चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया। यही वजह रही कि बीएसए ने अचानक निरीक्षण का निर्णय लिया ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। निरीक्षण के दौरान मिली लापरवाही ने विभागीय प्रणाली की वास्तविकता को उजागर कर दिया।
विभागीय सूत्र के अनुसार अनुपस्थित मिलीं दोनों महिला कर्मचारी अक्सर देर से आती थीं और कई बार बिना जानकारी दिए छुट्टी लेती दिखाई देती थीं। सूत्रों ने तो यह भी बताया कि छुट्टी की एप्लीकेशन कई बार केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए टेबल पर रख दी जाती थी, जबकि वास्तविक उपस्थिति समय से बहुत देर बाद दर्ज होती थी। इससे न केवल कार्यालय की कार्यशैली प्रभावित होती है, बल्कि विभागीय कार्यों में भी देरी और अव्यवस्था बढ़ती है। बीएसए ने निरीक्षण के दौरान रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका और कार्यालय की फाइलों की भी जांच की और बीएसए नें खण्ड शिक्षाधिकारी नगर क्षेत्र से उपस्थिति सम्बन्धी रिकॉर्ड तलब कर जांच के आदेश दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि नगर संसाधन केंद्र में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। कई अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने भी विभाग से मांग की थी कि संसाधन केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही से न केवल शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि विद्यालयों से आने वाली फाइलें, प्रस्ताव और रिपोर्टें समय पर निपट नहीं पा रही हैं। इस कारण पूरे ब्लॉक स्तर पर कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर ध्यान देते हुए बीएसए द्वारा किया गया औचक निरीक्षण अब चर्चा का विषय बना हुआ है। निरीक्षण के बाद बीएसए ने उपस्थित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगे से कार्यालय में समयपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी कर्मचारी द्वारा भविष्य में ऐसी लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय को अनुशासनहीनता का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा और सभी कर्मचारियों को अपने दायित्व का पालन करना होगा। जानकारों का मानना है कि नगर संसाधन केंद्र में कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही लंबे समय से चली आ रही है।
समय पर कार्रवाई न होने से ऐसे कर्मचारियों के हौसले बढ़ रहे थे। लेकिन बीएसए के इस निरीक्षण के बाद अब स्थिति बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। विभागीय स्तर पर भी यह मामला गंभीरता से लिया जा रहा है और आने वाले दिनों में और भी निरीक्षण किए जाने की सम्भावना जताई जा रही है। वहीं, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने भी बीएसए के कदम की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के लिए इस प्रकार की कड़ी कार्रवाई बेहद आवश्यक है। कुल मिलाकर, बीएसए के औचक निरीक्षण ने नगर संसाधन केंद्र की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। अनुपस्थित मिली महिला कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है और विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में सुधार आता है या मनमानी प्रणाली यूं ही जारी रहती है।
इनका कहना हैं:-
नगर संसाधन केन्द्र में लम्बे समय से मिल रही अनुशासनहीनता की शिकायतों को लेकर सोमवार को मेरे द्वारा कार्यालय का निरीक्षण किया गया। जिसमें सहायक लेखाकार, गुणवत्ता समन्वयक अनुपस्थित मिले हैं, दोनों के अवकाश सम्बन्धी प्रार्थना पत्र मिले हैं रिकॉर्ड तलब किया जा रहा हैं कितने अवकाश बकाया हैं समीक्षा कर कार्यवाही की जाएगी जिससे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सुधार हो सकें।
रणवीर सिंह जिला बेसिक शिक्षाधिकारी

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