इफको नवाचार को किसानों के बीच लाने का प्रयास करती है: डॉ. डी.के. सिंह।

कारडेट  मौन पालन प्रभारी  वीरेंद्र सिंह ने मौन पालन एवं फल प्रसंस्करण संबंधी विशेष जानकारी दी।

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स्वतंत्र प्रभात।
ब्यूरो चीफ  दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।
 
ग्राम  खानपुर डांडी  विकासखंड प्रतापपुर   के 43 कृषकों हेतु कॉर्डेट ,मोतीलाल नेहरू फार्मर्स  ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट द्वारा समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोरडेट फूलपुर  के  प्रधानाचार्य डॉक्टर डी. के.  उपस्थित कृषकों को कार्डेट की गतिविधियों से परिचित कराते हुए  किसानों को नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के प्रयोग से होने वाले लाभों तथा खरीफ फसलों में नैनो उर्वरकों के प्रयोग की विधि को विस्तार से  बताया ।
 
इफको नवाचार को किसानों के बीच लाने का प्रयास करती है: डॉ. डी.के. सिंह।
 
 उन्होंने बताया की नैनो डीएपी तरल से 5 एम.एल. प्रति किलो बीज की दर से शोधन करके बुवाई करनी चाहिए या रोपाई वाली फसलों का जड़ शोधन 5 एम.एल. प्रति लीटर पानी के घोल से करना  चाहिए।  इसी क्रम में फसल के 35 से 40 दिन की अवस्था पर नैनो यूरिया प्लस का पर्णीय छिड़काव 4 एम.एल. प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर करना चाहिए। नैनो उर्वरक पर्यावरण हितैषी उत्पाद है । इफको सदा किसानो के बीच नवाचार को लाने का प्रयास करती है। इसी क्रम में डॉक्टर एच एम शुक्ला, सेवा निवृत जैव उर्वरक विद्  ने खेती में जैव उर्वरकों एवं जैव अपघटक के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी ।
 
 कारडेट  मौन पालन प्रभारी  वीरेंद्र सिंह ने मौन पालन एवं फल प्रसंस्करण संबंधी विशेष जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी कृषकों को पपीते की पौध निःशुल्क वितरित की गई। इस अवसर पर कॉर्डेट प्रशिक्षण प्रभारी मुकेश तिवारी, आईआरडीपी प्रभारी राजेश कुमार सिंह सहित कारडेट टीम उपस्थित रही।

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