मानवता की मिसाल बने श्री आनंद पटेल 'दयालु', सड़क दुर्घटना में घायलों की बचाई जान

मानवता की मिसाल बने श्री आनंद पटेल 'दयालु', सड़क दुर्घटना में घायलों की बचाई जान

ओबरा सोनभद्र -आज समाज में अधिकतर लोग सड़क दुर्घटनाओं को देखकर मूकदर्शक बने रहते हैं, लेकिन जब मदद करने का जज्बा हो, तो कोई भी परिस्थिति कठिन नहीं होती। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अपना दल (एस) युवा मंच, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद पटेल 'दयालु' जी ने। घटना के अनुसार, रामलाल चौरसिया अपनी बाइक से पवेलियन की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रहे सत्य कुमार की बाइक से जोरदार टक्कर हो गई।
 
इस दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। रामलाल चौरसिया जी के सिर से भारी मात्रा में खून बह रहा था। मौके पर मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने रहे, लेकिन किसी ने तत्काल मदद नहीं की। इसी बीच आनंद पटेल 'दयालु' जी वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने जब भीड़ देखी, तो अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत स्थिति का जायजा लिया। बिना समय गंवाए, उन्होंने रामलाल चौरसिया जी को अपनी गाड़ी में बैठाया और अकेले ही अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका तुरंत इलाज कराया गया। अब वे स्वस्थ हैं।
 
आनंद पटेल 'दयालु' जी ने इस घटना के माध्यम से समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया अगर कोई सड़क दुर्घटना हो, तो लोग सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय तुरंत घायलों की मदद करें। यदि संभव हो, तो उन्हें स्वयं अस्पताल पहुंचाएं या एंबुलेंस बुलाकर प्राथमिक उपचार दिलाएं। किसी की जिंदगी बचाना सबसे बड़ी मानवता है।
 
हमें यह सोचना चाहिए कि यदि कभी हम खुद या हमारे अपने इस तरह सड़क पर घायल पड़े हों और लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहें, तो हमें कैसा महसूस होगा? इसलिए, हर नागरिक को जिम्मेदारी समझनी चाहिए और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। आनंद पटेल 'दयालु' जी की इस मानवीय पहल की सभी ने सराहना की। उनका यह नेक कार्य हमें सिखाता है कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता!

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