बाढ़ और सूखा

गर्मी में प्यास, बारिश में सैलाब: विकास के मॉडल पर बड़ा सवाल

प्रो. आरके जैन “अरिजीत”   21वीं सदी का भारत एक कड़वी विडंबना के दौर से गुजर रहा है। एक ओर देश अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयां छू रहा है, तो दूसरी ओर करोड़ों लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार