#साम्प्रदायिकसद्भाव

राष्ट्र भी एक महावृक्ष के सभान है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति फूल की भाँति खिलता-मुस्कराता हुआ रहना चाहिए

यह मान्यता है कि जितने महापुरुष भारतवर्ष ने दिये, उसका दशमांश भी दुनियाँ के अन्य राष्ट्र नहीं दे पाये। सभ्यता और मानव संस्कृति का सूर्योदय सर्वप्रथम भारत-भूमि पर ही हुआ।  अभिप्राय यह है कि ज्ञान का उजाला सर्व प्रथम यहाँ...
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