अर्जुन जानी

बाईस वर्षों की कैद, एक निर्दोष की चीख और न्याय का मौन

भारत की न्याय व्यवस्था का एक मूल सिद्धांत है कि सौ अपराधी छूट जाएं, लेकिन एक भी निर्दोष व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। यह सिद्धांत केवल कानून की किताबों में लिखी गई पंक्ति नहीं, बल्कि सभ्य समाज की आत्मा...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार