आय दो गुनी करने की जगह किसानों को कर्जदार बना रही है सरकार-दीवान चन्द चैधरी

आय दो गुनी करने की जगह किसानों को कर्जदार बना रही है सरकार-दीवान चन्द चैधरी

बस्तीः बस्ती किसानों की आय दो गुनी करने की जगह सरकार किसानों को कर्जदार बना रही है। किसान विरोधी नीतियों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के आवाहन पर 18 मार्च को देश भर के किसान दिल्ली के जन्तर मन्तर पर जुटेंगे और संसद का घेराव किया जायेगा। यह जानकारी भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवान

बस्तीः बस्ती किसानों की आय दो गुनी करने की जगह सरकार किसानों को कर्जदार बना रही है। किसान विरोधी नीतियों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के आवाहन पर 18 मार्च को देश भर के किसान दिल्ली के जन्तर मन्तर पर जुटेंगे और संसद का घेराव किया जायेगा। यह जानकारी भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवान चन्द चैधरी ने दिया। वे गुरूवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार किसान समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुये दीवान चन्द चैधरी ने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के साथ धोखा है, किसान कंगाल हो रहा है और बीमा कम्पनियां माला माल हो रही हैं। किसानों को कर्जदार बनाने के षड़यंत्र से अच्छा है कि उन्हें उपज का उचित मूल्य दिया जाय। सरकार दावा तो किसानों की आय को दो गुनी करने की करती है किन्तु उनकी स्थिति पहले से दयनीय हो गई है। अकेले बस्ती जनपद के चीनी मिलों पर लगभग 200 करोड़ रूपये का गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है, जिम्मेदार चुप्पी साधे हुये हैं, किसानों की आवाजोें का दमन किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बताया कि देश भर के किसान 18 मार्च को दिल्ली में संसद मार्च के लिये जुटेंगे और सरकार को बाध्य किया जायेगा कि किसान विरोधी नीतियों को बदला जाय। अभी तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया, किसान ऐसे अनेक सवालों को प्रमुखता से उठायेंगे। प्रेस वार्ता में दीवान चन्द पटेल, शोभाराम ठाकुर, जयराम चैधरी, डा. आर.पी चैधरी, चन्द्रप्रकाश चैधरी, राम मनोहर चैधरी, राजेन्द्र चैधरी, पारसनाथ गुप्ता, कन्हैया प्रसाद, फूलचन्द, रामचन्दर सिंह, श्याम नरायन ंिसंह, रामपलट यादव, तिलकराम, राम नरेश चैधरी, रामलगन चैधरी के साथ ही भाकियू के अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।

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राज्य उचित प्रक्रिया के बिना संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकता ।संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है। -सुप्रीम कोर्ट। राज्य उचित प्रक्रिया के बिना संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकता ।संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है। -सुप्रीम कोर्ट।
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