कलेजे पर पत्थर रख किसान को बेचनी पड़ी सौ रुपये प्रति कुंतल लोबिया

कलेजे पर पत्थर रख किसान को बेचनी पड़ी सौ रुपये प्रति कुंतल लोबिया

किसानों के माथे पर खींची चिंता की लकीरें लॉक डाउन इफेक्ट ब्यूरो रिपोर्ट -जयदीप शुक्ला गोण्डा-लाकडाउन के चलते शेयर बाजार की तरह सब्जियों का भाव धड़ाम हो गया। पूरी तरह अन्य जिलों की मंडियों के साथ पड़ोसी मुल्क नेपाल की मंडी पर आश्रित वजीरगंज सब्जी मंडी में हरी सब्जियों की कीमत में अबतक की सबसे

किसानों के माथे पर खींची चिंता की लकीरें

लॉक डाउन इफेक्ट

ब्यूरो रिपोर्ट -जयदीप शुक्ला

गोण्डा-
लाकडाउन के चलते शेयर बाजार की तरह सब्जियों का भाव धड़ाम हो गया। पूरी तरह अन्य जिलों की मंडियों के साथ पड़ोसी मुल्क नेपाल की मंडी पर आश्रित वजीरगंज सब्जी मंडी में हरी सब्जियों की कीमत में अबतक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति यह रही है कि एक कुंतल लोबिया महज सौ रुपये में बिका। पैसा हाथ में मिलते ही सब्जी उत्पादन किसान सिर पकड़कर मंडी में बैठ गया।

सब्जी किसान रामकुमार लोबिया बेचकर किराना का सामान खरीदने आया था। बताया कि पत्नी व बच्चों के साथ रात तीन बजे से ही लोबिया तोड़कर सुबह वजीरगंज मंडी में पहुंचा था। लागत की बात दूर सब्जी तोड़ने की मजदूरी भी नहीं मिली। एक कुंतल लोबिया में से 40 किलो एक रुपये की दर से बिका। इसके बाद थोक व्यापारी ने लोबिया नहीं लिया। रामकुमार सुबह सात बजे से नौ बजे तक मंडी में लोबिया बेचने बैठ गया। जब ग्राहक नजर नहीं आए तो उसने 50 पैसे प्रति किलो की दर से कलेजे पर पत्थर रख बची लोबिया को बेच दिया। एक कुंतल लोबिया बेचने में रामकुमार को महज 75 रुपया मिला।

लागत की बात दूर मजदूरी भी नहीं निकली

ढोढ़ियापारा गांव के सब्जी उत्पादक राजेश ने बताया कि लाकडाउन के चलते सब्जियों का दाम इतना नीचे आ गया है कि खाद-बीज व सिंचाई की लागत की बात दूर सब्जी तोड़ने में खर्च मजदूरी भी नहीं निकल पा रही है। भगोहर गांव के किसान रामतीरथ, जमुना, प्रतीक ने बताया कि लाकडाउन से सप्लाई चेंज टूट गया है। कुछ लोग घर-घर जाकर सब्जी बेच रहे हैं। लोग बाहर कम निकल रहे हैं। इसलिए मंडी में ग्राहक नहीं आ रहे हैं।

बाहर की मंडियों में नहीं जा पा रही है सब्जियां

वजीरगंज सब्जी मंडी में जमादार पुरवा, भगोहर, कोटिया, महादेवा, करदा, ढोढ़ियापारा, अचलपुर समेत कई गांवों के किसान सब्जी बेचने आते हैं। इन गांवों में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। उनकी आमदनी इसी पर निर्भर है। पर लाकडाउन के चलते सब्जियां नेपाल व अन्य जिलों की मंडियों में नहीं जा पा रही है।

दो रुपये किलो भिंडी, सात रुपये की दर से बिका करैला

वजीरगंज मंडी में सब्जियों के भाव ने इलाकाई किसानों की कमर तोड़ दी है। हरी सब्जियों में परवल, केला व हरा मिर्च को छोड़कर अन्य सब्जियों के दाम दहाई के अंक से नीचे लुढ़क इकाई में पहुंच गया है। बोड़ा एक रुपये किलो, भिंडी दो रुपये किलो, करैला व कुनरु  सात-सात रूपये किलो, नेनुआ सात रुपये व प्याज नौ रुपये किलो के भाव से बिका। दहाई के अंक में बिकने वाली सब्जियों में परवल दस रुपये, हरा मिर्च बारह रुपये, आलू अठ्ठारह रुपये प्रति किलो रहा।

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