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जनकल्याण और सेवा की प्रतिमूर्ति श्री हनुमान दास मेमोरियल ट्रस्ट का मानवीय संकल्प
पहाड़ी बाबा के सानिध्य में आश्रम अपनी पवित्रता और सेवा भाव से जनपद ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों में भी अपनी पहचान
सोनभद्र/उत्तर प्रदेश -
जनपद सोनभद्र के बिल्ली बाड़ी स्थित आश्रम में श्री हनुमान दास मेमोरियल ट्रस्ट आज के समय में निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक चेतना का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी, शिव कुमार पहाड़ी बाबा, अपने गुरु महाराज हनुमान दास जी के पदचिन्हों पर चलते हुए मानवता की सेवा में समर्पित हैं। महाराज हनुमान दास जी को उनके अनुयायी एक त्रिकालदर्शी संत के रूप में पूजते हैं। उनके जीवन का एकमात्र ध्येय बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के जन-जन का कल्याण करना रहा।
आश्रम की मान्यताओं के अनुसार, महाराज जी के पास मानवीय दुखों को समझने और उन्हें दूर करने की अद्भुत आध्यात्मिक शक्ति थी। आज उनकी इसी विरासत को शिव कुमार पहाड़ी बाबा आगे बढ़ा रहे हैं। आश्रम की कार्यशैली नर सेवा ही नारायण सेवा के सिद्धांत पर आधारित है। यहाँ आने वाले भक्तों और पीड़ितों के लिए पहाड़ी बाबा के द्वार सदैव खुले रहते हैं। आश्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के मानसिक और शारीरिक कष्टों को दूर कर उनके जीवन में सकारात्मकता लाना है। आश्रम में स्थित हवन कुंड केवल एक धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे जन-कल्याण का एक शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। पहाड़ी बाबा नियमित रूप से लोक-कल्याण की भावना से हवन संपन्न करते हैं, जिससे वातावरण में शांति और पीड़ितों को राहत मिलने की अटूट आस्था जुड़ी है।
सोनभद्र जैसे जनजातीय और औद्योगिक क्षेत्र में, श्री हनुमान दास मेमोरियल ट्रस्ट सामाजिक समरसता का प्रतीक बना हुआ है। बाबा का संकल्प केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इंसानियत के उस दर्द को हरने का प्रयास करते हैं जिसे लोग अक्सर समाज में साझा नहीं कर पाते।श्री हनुमान दास मेमोरियल ट्रस्ट आज उन हज़ारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आधुनिकता की दौड़ में मानसिक शांति और सच्चे मार्गदर्शन की तलाश में हैं। पहाड़ी बाबा के सानिध्य में आश्रम अपनी पवित्रता और सेवा भाव से जनपद ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहा है।


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