ड्रग सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई: साउथ-ईस्ट जिले की एएनएस टीम ने 10 लाख की एमडी के साथ दो तस्करों को दबोचा

गुरुद्वारा रोड तैमूर नगर में घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी, सप्लाई चेन की जांच जारी

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नई दिल्ली। 28 मार्च। नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड (एऐनएस) ने संगठित ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत 99.25 ग्राम मेफेड्रोन ( एमडी) बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर करारा प्रहार माना जा रहा है।पुलिस के अनुसार, एएनएस टीम को 27 मार्च 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि तैमूर नगर इलाके में ड्रग्स की बड़ी खेप पहुंचाई जाने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर विष्णु दत्त के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें कई अनुभवी पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुरुद्वारा रोड स्थित एसपीए गेट नंबर-1 के पास घेराबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों पर नजर रखना शुरू कर दिया।
 
कुछ ही देर में एक मारुति एक्सएल-6 कार और एक टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर दोनों वाहनों में सवार आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क टीम ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर दोनों के पास से कुल 99.25 ग्राम एमडी बरामद हुई। पूरी कार्रवाई को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए दस्तावेजित किया गया।
 
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक मिश्रा (30) निवासी तैमूर नगर और विशाल (20) निवासी गोविंदपुरी के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि कार्तिक मिश्रा इस पूरे ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है और वह कालकाजी क्षेत्र में ‘ईगल आई कैफे’ नाम से एक कैफे चलाता है। वहीं विशाल उसका करीबी सहयोगी है, जो ड्रग्स की सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन का काम संभालता था।
 
पुलिस ने बताया कि इस मामले में थाना न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले किसी आपराधिक मामले में शामिल नहीं रहे हैं, लेकिन ड्रग्स के इस नेटवर्क से जुड़कर उन्होंने अवैध गतिविधियों में कदम रखा।एएनएस टीम अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से राजधानी में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ने में मदद मिलेगी।पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और समाज को इस खतरे से मुक्त करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
 
 

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