प्रयागराज में अवैध प्लाटिंग पर बड़ा एक्शन तय

बक्शी-भीटी में दो हफ्ते में चलेगा अभियान

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प्रयागराज- बक्शी और भीटी क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ विकास प्राधिकरण ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि अगले दो हफ्तों के भीतर अवैध प्लाटिंग करने वालों को चिन्हित कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों से अवैध प्लाटिंग को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंची थीं। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने अभियान तेज करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले चरण में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग नेटवर्क की पहचान की जाएगी, उसके बाद नोटिस और फिर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

छोटे खरीदार सबसे ज्यादा प्रभावितजमीनी स्तर पर देखा जाए तो अवैध प्लाटिंग का सबसे बड़ा नुकसान छोटे और मध्यम वर्ग के खरीदारों को उठाना पड़ता है। 100 से 250 वर्ग गज के प्लॉट खरीदने वाले लोग अक्सर बिना वैध स्वीकृति वाली जमीन खरीद लेते हैं। बाद में जब प्राधिकरण की जांच होती है तो ऐसे लोगों को नोटिस थमा दिया जाता है कि उनका निर्माण अवैध है। कई मामलों में बुलडोजर कार्रवाई भी हो चुकी है, जिससे लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी दांव पर लग जाती है।

बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई की मांगस्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि कार्रवाई का दायरा ज्यादातर छोटे खरीदारों तक सीमित रह जाता है, जबकि अवैध प्लाटिंग करने वाले बड़े नेटवर्क और भूमाफिया पर समय रहते सख्ती नहीं होती। इसको लेकर कई बार शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले

प्राधिकरण का दावा है कि इस बार कार्रवाई केवल छोटे खरीदारों तक सीमित नहीं रहेगी। अवैध प्लाटिंग के पीछे सक्रिय मुख्य लोगों और संगठित नेटवर्क को चिन्हित कर सीधे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के विकास, जमीन की खरीद-फरोख्त और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले पूरे तंत्र को निशाने पर लिया जाएगा।

लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्लॉट खरीदने से पहले जमीन की वैधता और स्वीकृति की जांच अवश्य करें। बिना लेआउट पास और आवश्यक अनुमतियों के जमीन खरीदना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

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