नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे में हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

बताया जाता है कि एक महिला ने थाना गौर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ विपिन कुमार व अन्य आरोपितों ने छेड़छाड़, मारपीट करते हुए अश्लील फोटो बनाए

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बस्ती।
 
बस्ती जिले केगौर थाना क्षेत्र के शिवपुर ग्राम निवासी विपिन कुमार, विनय कुमार, राधिका देवी तथा रामपाल उर्फ बागेदु के खिलाफ दर्ज नाबालिग से छेड़छाड़, मारपीट, अश्लील फोटो बनाने और दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।
 
बताया जाता है कि एक महिला ने थाना गौर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ विपिन कुमार व अन्य आरोपितों ने छेड़छाड़, मारपीट करते हुए अश्लील फोटो बनाए और दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने धारा 65(1), 333, 64(2)(m), 308(2), 115(2), 76, 110, 351(3) तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
 
यदि पुराने आईपीसी प्रावधानों के अनुसार देखा जाए तो यह मामला धारा 376, 452, 376(2), 383, 323, 354B, 308, 506 तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट से संबंधित बताया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस विपिन कुमार व अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने विपिन के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की नोटिस भी जारी कर दी थी।
 
इसी बीच आरोपितों ने अधिवक्ता रमन पांडेय के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एफआईआर को चुनौती दी। 9 मार्च 2026 को हुई सुनवाई के दौरान माननीय न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि दर्ज एफआईआर निराधार है और पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
 
बचाव पक्ष का यह भी कहना था कि पीड़िता पक्ष के खिलाफ पहले ही विपिन कुमार की माता राधिका देवी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मुकदमे में दबाव बनाने और समझौता कराने के उद्देश्य से नाबालिग को आधार बनाकर यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।
 
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। उधर, बताया जा रहा है कि इस प्रकरण के दौरान मारपीट की घटना को लेकर पुलिस ने विपिन के कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ भी अलग से मुकदमा दर्ज किया है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद आरोपितों का परिवार जल्द ही अपने घर लौटने की तैयारी में है।

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