रोरवा ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में हुई अनियमितता की जाँच की तिथि नियत , 12 मार्च को ग्रामीणों की निगाहें जाँच कमेटी पर टिकी
शिकायत कर्ताओं ने निष्पक्ष जाँच करने व सुरक्षा की लगाई गुहार
विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत रोरवा का मामला
ब्यूरो रिपोर्ट
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सोनभद्र नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्रांक संख्या 630/ पि. व. क. / 2025-26 के माध्यम से अवगत कराया है कि ग्रांम पंचायत रोरवा, विकास खण्ड कोन द्वारा कराये गये कार्यों की जाँच के संबंध में जिलाधिकारी सोनभद्र के कार्यालय पत्राक 3644/पं0-7/शिकायत/जॉच/2025-26 दिनाक 28.01.2026 द्वारा ग्राम पंचायत रोर वा विकास खण्ड कोन द्वारा कराये गये कार्यों की जाँच हेतु जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी, सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, सोनभद्र एवं लेखा परीक्षक सहकारी समितियां एवं पंचायते, सोनभद्र की समिति का गठन किया गया है।
.jpg)
पूर्व में पत्र संख्या 524 दिनांक 09 फरवरी 2026 पत्र संख्या 581 दिनांक 21 फरवरी 2026 एवं पत्र संख्या 617 दिनांक 05 मार्च 2026 के क्रम में जाँच हेतु आवश्यक अभिलेख यथाशीघ्र कैशबुक, मस्टररोल, स्टाक रजिस्टर, कार्य आदेश रजिस्टर ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताब रजिस्टर, कार्य अनुमोदन रजिस्टर, स्वीकृति योजना रजिस्टर चेक जारी का रजिस्टर, कार्य कराने का आर्डर बुक, बाउचर फाइल रजिस्टर, ग्राम सभा का सम्पत्ति रजिस्टर इत्यादि अन्य सुसंगत अभिलेख एक साथ संकलित कर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कोन के माध्यम से अधोहस्ताक्षरी / समिति को उपलब्ध कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था। परन्तु 09 मार्च 2026 तक उक्त अभिलेख प्राप्त नहीं कराये गये है। उक्त शिकायत के क्रम में दिनांक 12.03.2026 को जांच समिति द्वारा उक्त शिकायत की स्थलीय जाँच की जायेगी।
Read More गोरखपुर : चलते टैंकर का टायर फटा, चिंगारी से लगी भीषण आग; दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसाउक्त के दृष्टिगल सम्बन्धित ADO (पंचायत) को जाँच के समय उक्त समस्त अभिलेखों के साथ स्वयं उपस्थित रहकर जाँच कराने में सम्यक सहयोग हेतु निर्देशित किया है। जाँच के क्रम में शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते कहा कि जाँच में सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुलिस बल की आवश्यकता है जहाँ किसी भी प्रकार की जाँच प्रभावित न हो और प्रधान प्रतिनिधि को जाँच से पृथक रखा जाए क्योंकि वे ग्राम पंचायत में शिक्षा मित्र के रूप में कार्यरत हैं । अब देखना जरूर दिलचस्प होगा कि वास्तव में निष्पक्ष जाँच होगी या सरकारी फाईलों में दबकर रह जायेगा।

Comments